नागपुर पुलिस ने देशभर में एयरपोर्टों एवं अन्य प्रतिष्ठानों में बम रखने की झूठी धमकियां देने वाले शख्स का सुराग मिलने का दावा किया है। नागपुर पुलिस ने बम रखने की झूठी धमकियां देने वाले शख्स की पहचान करने का दावा करते हुए बुधवार को कहा कि उसकी जांच में पाया गया है कि संदिग्ध ने धमकी भरे ई-मेल दिल्ली से भेजे थे।
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध जगदीश श्रीराम उइके (35) ने आतंकवाद पर एक किताब लिखी है। वह महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के अर्जुनी मोरगांव का रहने वाला है। अधिकारियों ने बताया कि वह बीते कुछ वर्षों से राष्ट्रीय राजधानी में रह रहा है।
गौरतलब है कि बीते दो हफ्ते के दौरान 510 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइटों में बम रखे जाने की धमकियां मिलीं। हालांकि जांच में झूठी साबित हुईं। इससे विमानन कंपनियों को परिचालन और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा। ज्यादातर धमकियां सोशल मीडिया के माध्यम से दी गई थीं।
नागपुर पुलिस के एक अधिकारी ने पहले बताया था कि जांचकर्ताओं ने पाया कि उइके ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), रेल मंत्री, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री, विमानन कंपनियों के कार्यालयों, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) सहित विभिन्न सरकारी निकायों को ई-मेल भेजे थे।
अधिकारी ने बताया- जगदीश श्रीराम उइके पिछले कई साल से दिल्ली में रह रहा है। उसने वहीं से पूरे देश में धमकी भरे ई-मेल भेजे। उसके द्वारा भेजे गए ईमेल के आधार पर उसकी पहचान अपराधी के रूप में की गई है। एक केंद्रीय मंत्री को भेजे गए ई-मेल का इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) पता, जैसा कि गूगल द्वारा साझा किया गया है, संकेत देता है कि इसे उइके ने भेजा था।
छानबीन में पाया गया कि जगदीश श्रीराम उइके के मोबाइल फोन का सिम कार्ड उसके नाम पर रजिस्टर्ड था। उसमें उसका नाम था और पता अर्जुनी मोरगांव था। पुलिस के मुताबिक, जगदीश श्रीराम उइके ने 21 अक्टूबर को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को ई-मेल भेजा जिसे पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को भी भेजा गया था।
पुलिस के अनुसार, इन धमकियों की वजह से विभिन्न रेलवे स्टेशन की सुरक्षा बढ़ा दी गई। नागपुर के पुलिस आयुक्त रविंदर सिंघल ने मंगलवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जगदीश श्रीराम उइके का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। पुलिस का दावा है कि जगदीश श्रीराम उइके को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।