मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवाली 2024 के अवसर पर सरकारी कर्मचारियों को तोहफा दिया है। धामी सरकार ने दिवाली 2024 के अवसर पर 31 अक्तूबर के बाद 1 नवंबर को भी सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।
महंगाई, मंदी और महीने के आखिरी दिन दीवाली जैसी शंकाओं के परे धनतेरस पर बाजार में जमकर धनवर्षा हुई। देहरादून, रुद्रपुर, काशीपुर, रुड़की, हल्द्वानी, ऋषिकेश आदि शहरों में सुबह से दोपहर तक कारोबार ने अपेक्षित तेजी नहीं पकड़ी और व्यापारियों में मायूस दिखी, लेकिन दोपहर के बाद अचानक बाजार में ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी।
देर शाम तक जमकर खरीदारी हुई। धनतेरस की रवायद निभाने के लिए लोग बाजार में उमड़ पड़े और रिकॉर्ड बिक्री से बाजार गुलजार हो गया। रुद्रपुर के बाजार में देर शाम तक करीब 90 करोड़ से अधिक की बिक्री का अनुमान है।
जबकि बाजार में उमड़े ग्राहकों को देखते हुए व्यापारियों ने देर रात तक दुकानें खोलने का निर्णय लिया है। पिछले वर्ष की अपेक्षा धनतेरस पर कारोबार में करीब 15 से 20 फीसदी तक इजाफा होने की बात व्यापारियों की ओर से कही जा रही है।
व्यापारियों कहना है कि रात तक कारोबार सौ करोड़ पार करेगा। वहीं जिले भर में दो सौ करोड़ से अधिक के कारोबार का अनुमान है।इस बार दीवाली के त्यौहार के लिए कई लोगों के बीच संशय की स्थिति रही है।
कुछ 31 अक्टूबर तो कुछ लोग 1 नवंबर को दीपावली का त्यौहार मनाने की बात कहते दिख रहे हैं। वहीं इससे पहले धनतेरस को लेकर संशय की स्थिति नहीं दिखी।
इस बार सोने और चांदी पर महंगाई अधिक होने के चलते कम कारोबार की उम्मीद थी। बावजूद इसके सर्राफा बाजार में ही सबसे अधिक कारोबार हुआ। रुद्रपुर में सर्राफा बाजार में करीब 30 करोड़ का कारोबार हुआ। वहीं इलेक्ट्रिक आइटमों की भी खूब बिक्री हुई और यहां भी करीब 30 करोड़ का कारोबार हुआ।
मिठाई, ड्राई फूर्ट्स और खील बताशों की भी खूब खरीदारी हुई। अनुमान के मुताबिक, 5 से 7 करोड़ के करीब की मिठाई और पेठे, 2 करोड़ के करीब के ड्राई फ्रूट्स और 50 लाख के खील-बताशे बिके।