CM मोहन यादव जनसुनवाई
भूमिका
मध्य प्रदेश में सुशासन की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अशोकनगर जिले में अचानक पहुंचकर प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा दी। बिना किसी पूर्व सूचना के ग्राम मढ़ी महिदपुर में पहुंचकर मुख्यमंत्री ने न सिर्फ ग्रामीणों को चौंकाया, बल्कि सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत भी खुद परखी। यह दौरा सिर्फ निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जनता और सरकार के बीच सीधे संवाद का मजबूत उदाहरण बना।
अचानक गांव पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह दौरा पूरी तरह औचक था।
- न कोई पूर्व कार्यक्रम
- न कोई विशेष तैयारी
- सीधे पहुंचे ग्राम सभा की जनसुनवाई में
मुख्यमंत्री ने गांव के सरपंच, पंचों और ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर बातचीत की और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को समझा। उनका यह अंदाज ग्रामीणों के लिए बेहद सादा और भरोसेमंद रहा।
योजनाओं की हकीकत जानने पर जोर
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा—
“सरकार का काम सिर्फ आदेश जारी करना नहीं, बल्कि यह देखना है कि योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं।”
उन्होंने ग्रामीणों से सीधे सवाल पूछे—
- क्या आपको सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है?
- क्या राशन, आवास, सड़क, पानी या बिजली से जुड़ी कोई समस्या है?
- क्या किसी स्तर पर लापरवाही हो रही है?
इस खुले संवाद से ग्रामीणों ने बिना किसी डर के अपनी बातें रखीं।
समस्याएं सुनते ही त्वरित कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनते ही मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए—
- शिकायतों का तत्काल निराकरण किया जाए
- किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
- योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा होगी
यह संदेश साफ था कि अब फाइलों में नहीं, बल्कि जमीन पर काम दिखना चाहिए।
प्रदेशभर में ऐसे दौरे होंगे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भी घोषणा की कि—
- वे भविष्य में
- इसी तरह
- बिना सूचना
- प्रदेश के अलग-अलग जिलों और गांवों का दौरा करेंगे
- आम जनता से
- सीधे संवाद
- उनकी समस्याओं की सुनवाई
- और त्वरित समाधान
को प्राथमिकता दी जाएगी
इस पहल से सरकार और जनता के बीच विश्वास और पारदर्शिता बढ़ेगी।
ग्रामीण मध्य प्रदेश के लिए नई शुरुआत
विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि CM मोहन यादव जनसुनवाई मॉडल—
- ग्रामीण क्षेत्रों में
- प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाएगा
- अफसरों को फील्ड में सक्रिय बनाएगा
- योजनाओं के सही क्रियान्वयन को सुनिश्चित करेगा
यह दौरा सिर्फ एक निरीक्षण नहीं, बल्कि जनता-केंद्रित शासन की मजबूत नींव है।