आईसीएआर पहल
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर) के 122वें स्थापना दिवस समारोह में भारतीय कृषि क्षेत्र में किए गए महत्वपूर्ण योगदानों को सराहा। उन्होंने कहा कि आईसीएआर ने भारत की कृषि को केवल परंपराओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे विज्ञान, नवाचार और समाधान से जोड़ा। उनका कहना था कि आईसीएआर ने खेती के क्षेत्र में हरित क्रांति से लेकर आधुनिक तकनीक-आधारित खेती तक, कृषि के भविष्य के लिए एक नई दिशा दी है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कृषि के क्षेत्र में परिवर्तन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आईसीएआर कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने का अग्रदूत बना है। उन्होंने कहा, “आईसीएआर ने खेतों और प्रयोगशालाओं के बीच की दूरी को खत्म करते हुए किसानों तक नवीनतम कृषि ज्ञान और तकनीकों को पहुंचाया है, जिससे भारत की कृषि न केवल आत्मनिर्भर बनी है, बल्कि यह भविष्य के लिए भी तैयार है।”
प्रदूषण और हरित क्षेत्र में आईसीएआर की पहल
रेखा गुप्ता ने आईसीएआर से राजधानी दिल्ली में प्रदूषण को कम करने और हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण जैसी पहलों के साथ सहयोग की बात भी की। उन्होंने कहा कि राजधानी में जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण की समस्या को देखते हुए आईसीएआर के विज्ञान और अनुसंधान के प्रयासों को महत्वपूर्ण माना।
संसाधन बचत की दिशा में आईसीएआर का योगदान
मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे आने वाली पीढ़ियों के लिए संसाधनों का सही तरीके से उपयोग करें। उन्होंने विशेष रूप से भूजल, बिजली, और पेट्रोल जैसे संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि “आईसीएआर को चाहिए कि वह इन संसाधनों की बचत और वृद्धि के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाए, ताकि देश की समृद्धि और स्थिरता सुनिश्चित हो।”
खाद्यान्न संकट के समाधान में आईसीएआर की भूमिका
रेखा गुप्ता ने बताया कि आईसीएआर की पहल से देश ने खाद्यान्न संकट पर काबू पाया और अब भारत खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर हो चुका है। “आज हम न केवल अपने देश की खाद्यान्न जरूरतों को पूरा कर रहे हैं, बल्कि दूसरों देशों को भी खाद्यान्न आपूर्ति में मदद कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।
समारोह में मौजूद अन्य नेता और शोधकर्ता
इस मौके पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट सहयोगी रवींद्र इंद्राज सहित आईसीएआर के वरिष्ठ अधिकारी और शोधकर्ता भी उपस्थित थे। समारोह में कृषि विज्ञान और अनुसंधान के महत्व पर चर्चा की गई और इसके आगे के मार्गदर्शन के लिए रणनीतियां साझा की गईं।