‘हरियाणा को दलालों और दामादों के हवाले किया, कांग्रेस का शाही परिवार सबसे भ्रष्ट’, गोहाना में बोले PM मोदी

हरियाणा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोनीपत जिले गोहाना में रैली करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. पीएम मोदी ने कहा,’कांग्रेस का शाही परिवार देश का सबसे भ्रष्ट परिवार है और जब हाईकमान भ्रष्टाचारी होता है तो नीचे लूट का खुला लाइसेंस मिल ही जाता है. यहां किसानों की जमीनों को लूटा गया. प्रदेश को दलालों और दामादों के हवाले कर दिया गया था.’

पीएम मोदी ने आगे कहा,’भाजपा सरकार में हरियाणा आज खेती और उद्योग, दोनों मामलों में देश के टॉप राज्यों में अपनी जगह बना रहा है. जब औद्योगिकरण बढ़ता है तो इसका सबसे अधिक फायदा गरीब, किसान और दलित को होता है. पिछले 10 साल में पूरी दुनिया में भारत पर भरोसा बढ़ा है, विश्वास हुआ है कि अब भारत, भ्रष्टाचार, परिवारवाद से मुक्त होकर तरक्की कर रहा है. दुनिया को लगता है कि आने वाले समय में कोई देश सबसे तेज आगे बढ़ेगा तो वो भारत है.’

प्रधानमंत्री ने कहा,’बाबा साहेब अंबेडकर मानते थे कि दलितों के सशक्तिकरण में उद्योगों की बड़ी भूमिका होती है. वे देखते थे कि गरीबों, दलितों, वंचितों के पास पर्याप्त जमीन नहीं होती. बहुत से गरीब साथी भूमिहीन होते थे और मजदूरी करके अपनी जिंदगी काटते थे. इसलिए बाबा साहेब कहते थे कि जब फैक्ट्रियां लगती हैं, तब गरीबों, दलितों, वंचितों को अवसर मिलता है. वे इनसे टेक्निकल स्किल सीखने को कहते थे. भाजपा की नीति निर्णयों में, भाजपा के विचारों में आपको बाबा साहेब की यही सोच दिखाई देगी. दलित और वंचित समाज को उद्योगों में अवसर देकर ही सच्चा सशक्तिकरण संभव है.’

पीएम मोदी ने कहा,’आज हमारे पथ प्रदर्शक पंडित दीनदयाल उपाध्यायजी की जयंती है. अंत्योदय और गरीबों की सेवा के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्यायजी ने जो रास्ता दिखाया, वो प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता के लिए संकल्प पथ की तरह है. उनकी प्रेरणा से भाजपा, भारत को विकास की नई ऊंचाई पर ले जा रही है, गरीबों का उत्थान कर रही है. मैं श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को श्रद्धा पूर्वक नमन करता हूं.’

गोहाना में खेती पर चिंता जताते हुए पीएम मोदी ने कहा,’आज भारत में एक और चुनौती है, जिस पर सिर्फ भाजपा ही बात करती है. हमारे देश में खेत का साइज भी लगातार कम हो रहा है. जैसे-जैसे परिवार बढ़ता है जमीन के टुकड़े होते हैं, जमीनें बट जाती हैं. आबादी बढ़ रही है, लेकिन खेत छोटे हो रहे हैं. खेती से जुड़े अर्थशास्त्री भी मानते हैं खेती के साथ-साथ कमाई के दूसरे जरिए भी होने चाहिए.’

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