जल संरक्षण कांकेर, कंटूर ट्रेंच, मोर गांव मोर पानी अभियान
कांकेर, छत्तीसगढ़:
कांकेर जिले में बढ़ते भू-जल स्तर को रोकने और गांवों को जल आत्मनिर्भर बनाने के लिए मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत बड़े पैमाने पर जल संरक्षण के कार्य किए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत जिले में 3,443 जल संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें कंटूर ट्रेंच, लूज बोल्डर, गैबियन, चेकडैम, सोक पिट और डबरी शामिल हैं। इन जल संरचनाओं का उद्देश्य बारिश के पानी को अधिकतम मात्रा में रोककर भू-जल स्तर को बढ़ाना है।
जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी ने बताया कि अब तक जिले में 58 कंटूर ट्रेंच परियोजनाओं के तहत लगभग 43,500 ट्रेंच खोदी जा चुकी हैं। इन कार्यों को कोकानपुर, आलबेड़ा, कापसी और धनेलीकन्हार ग्राम पंचायतों में प्रमुख रूप से लागू किया गया है। जल संरक्षण कार्यों को जीआईएस तकनीक के माध्यम से रिज टू वैली सिद्धांत पर तैयार किया गया है, ताकि पहाड़ी इलाकों से बहने वाला पानी घाटी में पहुंचने से पहले इन संरचनाओं में रुक सके।
कंटूर ट्रेंच पहाड़ी ढलानों पर समान ऊंचाई की रेखाओं में खोदी जाती हैं, जो बारिश के पानी को रोकने और जमीन में रिसने का मौका देती हैं। यह तकनीक जल को संरक्षित करने और भू-जल स्तर को बढ़ाने में मददगार साबित हो रही है।