हैदराबाद की निजी स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस और बेंगलुरू की निबे स्पेस ने आपस में सैटेलाइट लॉन्च करने की डील की है. स्काईरूट अपना रॉकेट इस्तेमाल करेगा. निबे स्पेस सैटेलाइट बनाएगा. ऐसे 40 सैटेलाइट छोड़े जाएंगे. ये सभी सैटेलाइट धरती की हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरें लेंगे. जिनका इस्तेमाल रणनीतिक तौर पर किया जाएगा.
ये डील दोनों कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि स्काईरूट की लॉन्च वाहनों में दक्षता है. यानी रॉकेट के एक्सपर्ट्स हैं. जबकि निबे स्पेस सैटेलाइट बनाने में. स्काईरूट और निबे स्पेस के बीच हुई डील से भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र को इजाफा मिलेगा. दुनियाभर से सरकारें, कंपनियां और समूह भारतीय निजी स्पेस कंपनियों के साथ डील करेंगे. इनके साथ टाटा एडवांस सिस्टम और NSPL भी साझेदार हैं.
निबे स्पेस ने इस सैटेलाइट को गणेश अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट कॉन्स्टीलेशन नाम दिया है. ये सैटेलाइट देश की दूरस्थ संवेदन, पर्यावरण निगरानी और राष्ट्रीय सुरक्षा की क्षमताओं में योगदान होगा.जैसे-जैसे भारतीय अंतरिक्ष उद्योग फैल रहा है, ऐसे डील नए इनोवेशन लेकर आ रहे हैं.