दिल्ली स्थित एम्स में एक महिला गार्ड का यौन उत्पीड़न करने का मामला सामने आया है। महिला गार्ड ने आरोप लगाया है कि जब वह अपनी ड्यूटी रोस्टर के संबंध में मुख्य सुरक्षा अधिकारी से मिलने गई तो उन्होंने उसका यौन उत्पीड़न किया। साथ ही जातिसूचक टिप्पणियां भी कीं।। एम्स प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
एम्स-दिल्ली की एक महिला गार्ड ने अपने मुख्य सुरक्षा अधिकारी पर यौन उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव करने का आरोप लगाया है। महिला गार्ड द्वारा आरोप लगाने के बाद प्रमुख चिकित्सा संस्थान ने आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
एम्स कार्यालय द्वारा 15 अक्टूबर को जारी एक ज्ञापन के अनुसार मामले की जांच डीन एकेडमिक्स डॉ. केके वर्मा द्वारा की जाएगी। वर्मा एससी/एसटी/ओबीसी की शिकायतों के निवारण पर संस्थान की समिति के प्रमुख हैं। इसके अलावा बायोफिजिक्स की एचओडी डॉ. पुनित कौर भी मामले की जांच करेंगी। वह यौन उत्पीड़न के खिलाफ आंतरिक शिकायत समिति की अध्यक्ष हैं। दोनों समितियों को ज्ञापन जारी होने की तारीख से सात दिनों के भीतर साक्ष्य सामग्री के साथ प्रारंभिक रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, महिला गार्ड ने आरोप लगाया है कि जब वह अपनी ड्यूटी रोस्टर के संबंध में मुख्य सुरक्षा अधिकारी से मिलने गई तो उन्होंने उसका यौन उत्पीड़न किया और जातिसूचक टिप्पणियां कीं। इस मामले को लेकर संपर्क करने पर एम्स अधिकारियों ने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया