बिहार के गोपालगंज में डॉक्टर के घर काम कराने वाले एक किशोर की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई. लड़के का शव डॉक्टर की कार में पड़ा मिला. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज मामले की जांच शुरू की. मृतक की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के ताजपुर केसरिया गांव के रामाधार पंडित के पुत्र कृष्ण कुमार (14 साल) के तौर पर हुई है.
बेटे की मौत की खबर सुनते ही माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई और तुरंत ही वो गोपालगंज पहुंचे. बेटे की लाश देखते ही परिवार में चीख पुकार मच गई. मृतक के पिता रामाधार पंडित ने बताया कि उनका बेटा कृष्ण कुमार स्वस्थ था और लगभग 2 साल 3 माह से डॉक्टर जेजे शरण के घर पर एक हजार रुपये की मजदूरी करता था. उसकी हत्या कैसे की गई है उसकी उन्हें जानकारी नहीं है, इसकी जांच होनी चाहिए.
बताया जा रहा है कि कृष्ण कुमार छह महीने काम करने के बाद वह वापस घर आ गया. डॉक्टर साहब ने फिर वापस बुला लिया था. हमने उसे इसलिए छोड़ दिया था कि डॉक्टर साहब उसे पढ़ा लिखाकर अच्छा आदमी बनाएंगे. इस मामले पर सदर एसडीपीओ प्रांजल ने बताया कि शहर के चंद्रगोकुल रोड के पास एक कार में बच्चे का शव बरामद मिला. शव के मिलने की सूचना स्थानीय लोगों के द्वारा पुलिस को दी गई थी.
परिजनों के आवेदन पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है. वहीं जब इस मामले पर डॉक्टर जेजे शरण से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से इनकार कर दियाय बहरहाल इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई और लोग तरह तरह की बातें कर रहे हैं.