दीपक बैज ने कानून व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल, कहा – प्रदेश में जंगलराज, असुरक्षित महसूस कर रही है जनता!

छत्तीसगढ़ कानून व्यवस्था

रायपुर, प्रदेश की कानून व्यवस्था पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रदेश में बढ़ते अपराधों का हवाला देते हुए ‘जंगलराज’ शब्द का प्रयोग किया और आरोप लगाया कि सरकार अपराधों पर नियंत्रण रखने में नाकाम रही है। उनके मुताबिक, आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है और प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।

अपराध की बढ़ती घटनाओं पर बैज का हमला

बैज ने सेजबहार में एक परिवार के साथ हुई लूट की घटना का जिक्र करते हुए कहा, “प्रदेश में अपराध की घटनाएं निरंतर बढ़ रही हैं। अपराधी सरकार के नियंत्रण से बाहर हो चुके हैं और जनता को असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रही है।

शिक्षा के मुद्दे पर भी उठाए सवाल

दीपक बैज ने प्रदेश में शुरू हुए ‘श्लोक’ पाठ पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब तक बच्चों को पुस्तकें नहीं मिल रही हैं, RTE में एडमिशन की समस्याएं बनी हुई हैं, और स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, तब सरकार को श्लोक पढ़ाने की बजाय इन मुद्दों पर काम करना चाहिए। उन्होंने पूछा, “क्या सरकार शिशु मंदिर बनाना चाहती है?” बैज के अनुसार, यदि सरकार स्कूलों के बुनियादी ढांचे को सुधारने की दिशा में काम करती, तो बच्चे अधिक लाभान्वित होते।

कांग्रेस का भविष्य: तीन राज्यों में जीत का दावा

बैज ने हाल ही में हो रहे असम, केरल, और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “इन तीनों राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनेगी। बदलाव का माहौल है और जनता बदलाव चाहती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं और सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है। बैज ने कहा, “कांग्रेस इन राज्यों में भ्रष्टाचार को खत्म करेगी।”

महतारी वंदन और केवायसी पर सवाल

बैज ने महतारी वंदन योजना के लिए केवायसी अनिवार्य करने के कदम पर भी सरकार को घेरा। उनका कहना था कि राज्य सरकार के पास पैसा नहीं है, और इस केवायसी प्रक्रिया के जरिए महिलाओं के नाम काटने की साजिश की जा रही है। उन्होंने इसे सरकार का एक और जुमला करार दिया।

नक्सलमुक्त पंचायतों के लिए एक करोड़ रुपये

बैज ने राज्य सरकार से यह सवाल किया कि नक्सलमुक्त पंचायतों को 1 करोड़ रुपये देने के वादे का क्या हुआ? उन्होंने कहा, “सरकार ने बस्तर के जनप्रतिनिधियों से वादा किया था कि नक्सलमुक्त पंचायतों को यह राशि दी जाएगी। यदि राज्य सरकार कह रही है कि सभी जिले नक्सलमुक्त हो चुके हैं, तो यह राशि तुरंत दी जानी चाहिए।”

मूर्ति अनावरण विवाद पर प्रतिक्रिया

अंत में, बैज ने अंबिकापुर में हुए मूर्ति अनावरण विवाद पर कहा कि शहीद चंद्रशेखर आजाद का नाम पहले आना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा, “यदि कांग्रेस के नेताओं ने विरोध किया है, तो उसमें गलत क्या था?” बैज के अनुसार, सभी महान नेताओं को उनके उचित स्थान पर सम्मान मिलना चाहिए।

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