दिल्ली सरकार ‘क्लाउड किचन’ पर आधारित एक ऐसी नीति लाने की योजना बना रही है, जिससे खाने-पीने के कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली सरकार के उद्योग मंत्री कार्यालय ने बुधवार को बताया कि दिल्ली सरकार क्लाउड किचन और गैर-डाइनिंग खान-पान के कारोबार को सुव्यवस्थित करने के लिए एक नीति पेश करेगी। इसमें इस कारोबार को सिंगल विंडो मंजूरी, आर्थिक मदद, लाइसेंसिंग को सुव्यवस्थित करने और मानकों में छूट जैसे प्रावधान रहेंगे।
दिल्ली सरकार का मानना है कि इससे रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के साथ ही सस्ती और आधुनिक आधारभूत सुविधाएं स्थापित करने में मदद मिलेगी। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह पहल अरविंद केजरीवाल के नजरिये से प्रेरित है। इससे उपभोक्ताओं के साथ ही कारोबारियों को भी लाभ होगा। यह नीति अगले 15 दिनों में लागू होने की उम्मीद है। यह 2029 तक प्रभावी रहेगी।
दिल्ली के उद्योग मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा- यह नीति ‘क्लाउड किचन, ‘घोस्ट किचन’ और अन्य ‘नॉन-डाइन-इन डिलीवरी आउटलेट्स’ सहित खाने-पीने के कारोबार के बढ़ते क्षेत्र को मजबूती देने के लिए एक नया नजरिया प्रस्तुत करती है। ‘क्लाउड किचन’, ‘घोस्ट किचन’ और अन्य ‘नॉन-डाइन-इन डिलीवरी आउटलेट्स’ से मतलब ऐसे स्थान या सुविधा से जहां से खाना पैक कराकर ले जाया जा सकता है।
उद्योग मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा- नीति का मकसद नियामक बाधाओं को कम करना, लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को आसान करना और दिल्ली में रोजगार के मौकों में इजाफा करने के साथ ही कौशल विकास के अवसर पैदा करना है। इस नीति की मदद से व्यावसायिक परिचालन को सरल बनाने में मदद मिलेगी। बयान के मुताबिक, खाने-पीने के सामान की आपूर्ति से जुड़ी सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए नीति एक मजबूत नियामक ढांचा प्रदान करती है।
यह नीति खाने-पीने की ‘गैर-डाइन-इन’ दुकानों की जरूरतों को पूरा करने में मददगार होगी। राष्ट्रीय राजधानी में फिलहाल 20 हजार से ज्यादा ऐसी दुकानें हैं। नीति में लाइसेंसिंग के लिए सिंगल विंडो पोर्टल की सुविधा होगी। इससे कारोबारियों को खाने पीने से जुड़े व्यवसाय को शुरू करने के लिए झंझटों से मुक्त मंजूरी की सहूलियत मिलेगी। पोर्टल को खाने-पीने की सुविधाओं या दुकानों को खोलने और उनके संचालन को आसान बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।
आधिकारिक बयान में यह कहा गया है कि 250 वर्ग मीटर से कम क्षेत्रफल वाली दुकानों को अग्निशमन विभाग की एनओसी की जरूरत से छूट दी गई है। हालांकि कारोबारियों को जरूरी अग्नि सुरक्षा नियमों और मानकों को पूरा करना होगा। यही नहीं श्रम विभाग खाने-पीने की लाइसेंस्ड दुकानों को 24 घंटे काम करने की छूट देगा। यही नहीं कारोबारियों को बिना देर किए मंजूरी देने के लिए 30 दिनों के भीतर आवेदनों पर विचार करेगा।