दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘अलकायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट’ (एक्यूआईएस) झारखंड मॉड्यूल मामले में जांच की अवधि 2 दिसंबर तक बढ़ा दी है। जस्टिस रेखा पल्ली और जस्टिस सौरभ बनर्जी की खंडपीठ ने मंगलवार को कहा कि अंतरिम आदेश अगली सुनवाई की तारीख तक जारी रहेगा। पिछले हफ्ते हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी, जिसमें जांच की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया गया था।
आरोपियों के वकील ने दिल्ली पुलिस की याचिका का विरोध किया। वहीं दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के लिए अतिरिक्त लोक अभियोजक (एपीपी) लक्ष्य खन्ना ने दलीलें रखी। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने जांच अवधि को 180 दिनों तक बढ़ाने की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पिछली तारीख को अदालत ने आरोपियों को नोटिस जारी किया गया था।
बता दें कि पटियाला हाउस कोर्ट ने 18 नवंबर को मामले में जांच पूरी करने के लिए जांच अवधि को 90 दिनों के लिए बढ़ाने की दिल्ली पुलिस की याचिका खारिज कर दी थी। पिछली तारीख को दलीलें सुनने के बाद जस्टिस रेखा पल्ली और जस्टिस सौरभ बनर्जी की खंडपीठ ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट अभियोजक की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है। इसके बाद प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया गया है।
इस मामले में रांची के डॉ. इश्तियाक समेत 11 आरोपी हिरासत में हैं। दिल्ली पुलिस, झारखंड, राजस्थान और यूपी पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) डॉ. हरदीप कौर ने अभियोजक की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद जांच पूरी करने के लिए 90 दिनों के लिए जांच अवधि बढ़ाने की दिल्ली पुलिस की याचिका खारिज कर दी थी।
उक्त 11 आरोपी रांची झारखंड के डॉ. इश्तियाक के कथित नेतृत्व वाले प्रशिक्षण मॉड्यूल के सदस्य हैं। न्यायिक हिरासत में आरोपी व्यक्तियों में अनामुल अंसारी, शहनाज अंसारी, अल्ताफ अंसारी, हसन अंसारी, अरशद खान, उमर फारूक, इश्तियाक अहमद और मोहम्मद रिजवान, मोतिउर रहमान, रहमतुल्लाही और फैजान अहमद शामिल हैं।