अरविंद केजरीवाल के स्वागत में पटाखे फोड़ने वालों पर ऐक्शन, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR

दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध के बीच मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल के स्वागत में पटाखे जलाने को लेकर ‘आप’ कार्यकर्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में सिविल लाइंस थाने में एक एफआईआर दर्ज की है। शुक्रवार को केजरीवाल के जमानत पर छूटकर आने के दौरान उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने तिहाड़ जेल से लेकर मुख्यमंत्री आवास के रास्ते तक जमकर आतिशबाजी कर जश्न मनाया था।

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े सीबीआई वाले केस में करीब छह महीने से तिहाड़ जेल में बंद अरविंद केजरीवाल को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट जमानत मिल गई। जिसके बाद शाम करीब साढ़े 6 बजे जब वह जेल से बाहर निकले तब ‘आप’ नेताओं और कार्यकर्ताओं में मिठाइयां बांटकर और ढोल-नगाड़ों और पटाखे जलाकर अपनी खुशी का इजहार किया।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद ‘आप’ नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की उत्साही भीड़ भारी बारिश के बावजूद सुबह से ही केजरीवाल का स्वागत करने के लिए तिहाड़ जेल के बाहर जुटने लगी थी। ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने केजरीवाल का जेल से निकलने पर किसी हीरो की तरह स्वागत किया। केजरीवाल की रिहाई से पहले जेल के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।

गौरतलब है कि, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 21 मार्च को शराब नीति मामले में केजरीवाल को गिरफ्तार किया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए 10 मई को 21 दिन की अंतरिम जमानत दी थी। इसके बाद सीबीआई ने 26 जून को शराब नीति से जुड़े एक अन्य मामले में केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि वह उस दौरान न्यायिक हिरासत के तहत तिहाड़ जेल में ही बंद थे। सुप्रीम कोर्ट ने शराब नीति घोटाले से ही जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 12 जुलाई को ही केजरीवाल को अंतरिम जमानत दे दी थी। 

बता दें कि, बीते 9 सितंबर को दिल्ली की ‘आप’ सरकार ने आगामी ठंड के मौसम में वायु प्रदूषण को काबू करने के लिए राजधानी में पटाखों के उत्पादन, बिक्री तथा उपयोग पर 1 जनवरी 2025 तक प्रतिबंध लगा दिया था। इस दौरान दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने एक बयान में कहा था कि प्रतिबंध में पटाखों की ऑनलाइन बिक्री एवं आपूर्ति पर भी पाबंदी रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने के लिए दिल्ली पुलिस, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति और राजस्व विभाग के साथ मिलकर एक कार्य योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा था कि यह प्रतिबंध दिल्ली सरकार के विंंटर एक्शन प्लान का हिस्सा है, जो प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 21 प्रमुख बिंदुओं पर आधारित है।

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