बालोद/24 सितंबर 2024/ कृष्णा गंजीर
छत्तीसगढ़ राज्य के बॉर्डर में स्थित ग्राम लोहारीडीह थाना रेंगाखार जिला कबीरधाम में विगत दिनों रघुनाथ साहू के घर में हुई आगजनी तथा प्रशांत साहू की न्यायिक हिरासत में मौत के विषय को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के द्वारा एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया था, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष टहल सिंह साहू के नेतृत्व में जांच समिति ग्राम लोहारीडीह पहुंचकर वस्तु स्थिति का अवलोकन किया।
जांच समिति से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश साहू संघ द्वारा गठित जांच समिति के वहां जाने से पता चला कि यह विवाद दो परिवारों शिव प्रसाद उर्फ कचरू साहू एवं रघुनाथ साहू के बीच का मामला था। पता चला है कि शिवप्रसाद साहू और रघुनाथ साहू के परिवार में आपसी रंजिश थी, इस बीच 15 सितंबर को शिव प्रसाद साहू की हत्या हो गया जिसका शव गांव से दूर फांसी में लटका हुआ मिला। शिव प्रसाद की हत्या किसने किया अभी तक इस बात का पता नहीं चला है। लेकिन गांव में अफवाह फैल गया की रघुनाथ साहू के द्वारा शिव प्रसाद की हत्या कर दिया गया है और इस बीच सुबह 10:00 बजे के आसपास रघुनाथ साहू के घर में सैकड़ो की संख्या में महिला पुरुष घर घुसकर उनके घर में आग लगा दिया तथा रघुनाथ साहू को घर में ही बंद कर दिया गया। जहां पर आग में झुलस जाने के कारण रघुनाथ साहू की भी मृत्यु हो गई तथा उसकी पत्नी के साथ भी मारपीट किए जाने की जानकारी मिला। इस बीच वहां पुलिस प्रशासन के पहुंचने पर भीड़ के द्वारा पुलिस के साथ भी झूमा झटकी एवं मारपीट होने की बात बताया जा रहा है। जिसके
चलते वहां के 70 लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर जेल में डाल दिया गया। जहां पर प्रशांत साहू का पुलिस हिरासत में पुलिस की मार से मौत हो गया है, जो कि बहुत ही भयावह एवं दर्दनाक घटना है।
उपरोक्त घटना की भर्त्सना करते हुए जांच समिति ने कड़े शब्दों में निन्दा किया है। जांच समिति ने बताया कि मृतक प्रशांत साहू के परिवार में उनका एक छोटा बेटा है, उनके परिवार में और कोई नहीं है। जांच समिति ने सरकार से मांग किया है कि पुलिस प्रताड़ना में मृत प्रशांत साहू के बेटे को शासकीय नौकरी दे तथा उस परिवार को कम से कम एक करोड़ रुपया का मुआवजा अनुग्रह राशि दें, ताकि उनके परिवार का पालन पोषण हो सके। साथ ही रघुनाथ साहू का भी आगजनी में मृत्यु हुआ है उनके भी परिवार को सरकार मुआवजा दे तथा शिव प्रसाद उर्फ कचरू साहू की मृत्यु का निष्पक्ष जांच कर उनके परिवार को भी राहत राशि प्रदान करें। सरकार तीनों परिवार को मुआवजा दे और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करें। एवं इस घटना में मुख्य रूप से आरोपित व्यक्ति को सरकार न्यायिक जांच बैठा कर अपराधी को सामने लाएं और उचित न्याय दिलाए। तथा समाज को संरक्षण दे। मामले में पुलिस द्वारा जो बहुत सारे निर्दोष लोगों को खासकर महिलाएं एवं छोटे बच्चे जिन्हे थाना और जेल में बंद रखा गया है उन्हे सरकार तत्काल निःशर्त रिहा करें ।
छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के इस प्रतिनिधि मंडल में छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के अध्यक्ष टहल सिंह साहू, उपाध्यक्ष भुनेश्वर साहू , मालक राम साहू , महामंत्री हलधर साहू, दयाराम साहू, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष थानेश्वर साहू , कार्यकारी अध्यक्ष विष्णु साहू , उपाध्यक्ष भीखम साहू , प्रमोद साहू, महिला प्रकोष्ठ के सहसंयोजक अंजनी साहू , युवा प्रकोष्ठ के संयोजक पवन साहू, सह संयोजक दुलीकिशन साहू , तथा साहू समाज राजिम भक्तिन माता समिति के अध्यक्ष लाला साहू ,
संरक्षक मनोहर साहू पिथौरा, प्रदेश संयुक्त सचिव पंचम साहू, जिला साहू संघ बेमेतरा के उपाध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह साहू, हरीश साहू घनश्याम साहू , प्रकाश साहू बेमेतरा जिला साहू संघ , मुंगेली के पूर्व अध्यक्ष बलदाऊ साहू , अध्यक्ष पुहुप राम साहू एवं युवा प्रकोष्ठ के प्रफुल्ल साहू , विक्की साहू , कामत साहू सहित ग्राम वासी एवं सामाजिक पदाधिकारी गण उपस्थित थे।