आईईडी ब्लास्ट
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छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान घायल जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा शनिवार शाम रायपुर के एक निजी अस्पताल पहुँचे। यहाँ उन्होंने बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत कर्रेगुट्टा पहाड़ी में हुए आईईडी ब्लास्ट में घायल पुलिस जवानों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना और उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
उपमुख्यमंत्री ने इस दौरान न केवल जवानों से बातचीत की, बल्कि चिकित्सकों से उपचार की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली और जवानों के परिजनों से भी चर्चा कर उन्हें आश्वस्त किया।
🏥 अस्पताल पहुँचकर लिया उपचार का जायज़ा
अस्पताल में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने—
- घायल जवानों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की
- घटना की पूरी जानकारी ली
- डॉक्टरों से इलाज और रिकवरी की स्थिति पर चर्चा की
- परिजनों को शासन की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया
उन्होंने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों को निर्देश दिए कि जवानों के इलाज में किसी भी प्रकार की कमी न रहने पाए और सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएँ।
💬 “सरकार हर परिस्थिति में जवानों के साथ”
घायल जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा—
“नक्सल विरोधी अभियान में तैनात हमारे जवान अत्यंत साहस, निष्ठा और समर्पण के साथ प्रदेश और देश की सुरक्षा में लगे हैं। उनका त्याग अतुलनीय है और शासन-प्रशासन हर परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़ा है।”
उनके इस बयान से जवानों और उनके परिजनों में भरोसा और आत्मबल देखने को मिला।
💥 कैसे हुआ आईईडी ब्लास्ट?
गौरतलब है कि—
- 25 जनवरी को बीजापुर जिले के
उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत कर्रेगुट्टा पहाड़ी में - एक के बाद एक कुल 6 आईईडी विस्फोट हुए थे
- इस घटना में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के 12 जवान घायल हो गए थे
यह घटना उस समय हुई जब सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम तेलंगाना सीमा से लगे कर्रेगुट्टा हिल्स क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी।
✈️ एयरलिफ्ट कर रायपुर लाए गए जवान
घटना के तुरंत बाद—
- सभी घायल जवानों को एयरलिफ्ट कर रायपुर लाया गया
- उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया
- बेहतर चिकित्सा सुविधा और विशेषज्ञ इलाज उपलब्ध कराया गया
चिकित्सकों के अनुसार—
- 6 जवान उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं
- शेष जवानों की हालत में भी लगातार सुधार हो रहा है
🛡️ नक्सल विरोधी अभियान जारी
इस घटना के बावजूद सुरक्षा बलों का हौसला कमजोर नहीं पड़ा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि—
- नक्सलियों के खिलाफ अभियान पूरी मजबूती से जारी रहेगा
- जवानों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है
- घायल जवानों के पुनर्वास और इलाज में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी