पटना – बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे बोर्ड के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर देश में रेलवे ट्रैक के विस्तार को तेज करने की मांग की है। चैंबर का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के विज़न को ध्यान में रखते हुए रेलवे नेटवर्क का विस्तार अत्यंत महत्वपूर्ण है।
चैंबर अध्यक्ष पी. के. अग्रवाल ने बताया कि भारत में आर्थिक प्रगति, बढ़ता शहरीकरण, औद्योगिक विस्तार और माल व यात्रियों की बढ़ती मांग के मद्देनज़र रेलवे की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। हालाँकि भारतीय रेल ने विद्युतीकरण, वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम किया है, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए ट्रैक विस्तार की वर्तमान गति पर्याप्त नहीं है।
रेलवे ट्रैक विस्तार पर प्रमुख सुझाव
- आगामी दशकों में रेलवे ट्रैक की लंबाई में कम से कम 10% वार्षिक वृद्धि सुनिश्चित की जाए।
- बिहार जैसे राज्यों में, जहाँ मानव संसाधन और औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएँ हैं, विशेष ध्यान दिया जाए।
- राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मॉडल अपनाकर बड़े पैमाने पर दीर्घकालिक नेटवर्क विस्तार किया जाए।
- परियोजनाओं के लिए सुनिश्चित बजटीय सहायता और पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) जैसे नवीन वित्तीय मॉडल लागू किए जाएँ।
- सभी परियोजनाओं की समयबद्ध निगरानी सुनिश्चित की जाए।
रेलवे विस्तार के फायदे
- लॉजिस्टिक्स लागत में कमी और माल ढुलाई की दक्षता में सुधार।
- यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा में वृद्धि।
- उद्योग, MSME, कृषि और निर्यात को बल।
- बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और संतुलित क्षेत्रीय विकास।
- देश की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
केंद्र सरकार से अपील
- चैंबर ने अनुरोध किया है कि आगामी बजट और नीतिगत ढाँचों में रेलवे नेटवर्क विस्तार को उच्च प्राथमिकता दी जाए।
- रेलवे ट्रैक विस्तार के माध्यम से वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को साकार किया जा सके।
पी. के. अग्रवाल ने कहा कि रेलवे नेटवर्क का तेज़ विस्तार न केवल आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देगा बल्कि क्षेत्रीय विकास, रोजगार और सामाजिक समृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। उनका कहना है कि अब समय है कि रेलवे को दीर्घकालिक दृष्टि से विकसित और मजबूत बनाया जाए।