उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में जौहरी की दुकान से 1.5 करोड़ रुपये की लूट मामले में मंगेश यादव के एनकाउंटर पर घमासान मचा हुआ है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने योगी सरकार पर सवाल उठाया है. वहीं अब उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार ने सोमवार को पुलिस पर आरोपियों की जाति के आधार पर मुठभेड़ करने के विपक्षी दलों के आरोपों का खंडन किया. उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस द्वारा कोई पक्षपात नहीं किया जाता है.
डीजीपी लखनऊ में अखिल भारतीय पुलिस कुश्ती क्लस्टर कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर संवाददाताओं से बात कर रहे थे. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने हाल ही में सुल्तानपुर मुठभेड़ के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला किया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि मंगेश का एनकाउंटर जाति अधारित है और वह घटना में शामिल भी नहीं था.
हालांकि, डीजीपी ने इन आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसी चीजें नहीं करती… जब पुलिस पर गोलियां चलाई जाती हैं, जिन लोगों ने ऐसी परिस्थितियों का सामना किया है, जो हमारे पूर्व अधिकारी हैं, वे सभी इसके बारे में जानते हैं… मैं ऐसी सभी बातों से इनकार करता हूं और पुलिस पूरी तरह निष्पक्षता से कार्रवाई करती है.
कानपुर में कालिंदी एक्सप्रेस ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश के बारे में भी डीजीपी ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हमारे सभी वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर गए हैं और हम मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं. जो भी तथ्य सामने आएंगे, हम मीडिया को बताएंगे. कानपुर में एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) के भी घटनास्थल पर पहुंचने के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि हम सभी पहलुओं पर गौर करेंगे और पूरी जांच के बिना इस पर कुछ भी कहना संभव नहीं है.