रायपुर: पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान शीर्ष पदों पर रहे 31 नेताओं, अफसरों और कारोबारियों की इस बार की दीपावली रायपुर सेंट्रल जेल में मनेगी। ये लोग शराब घोटाला, कोल लेवी, डीएमएफ, कस्टम मिलिंग, महादेव आनलाइन सट्टा, नान घोटाला, एनजीओ घोटाला, सीजीपीएससी, सीजीएमएससी में दवा खरीदी समेत नौ घोटालों के आरोपी हैं। इनमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री का बेटा चैतन्य बघेल, सेवानिवृत्त आईएएस अनिल टुटेजा समेत अन्य कई बड़े नाम शामिल हैं।
घोटाले में फंसे प्रभावशाली माने जाने वाले कई नामचीनों की दीपावली जहां जेल की सलाखों के पीछे मनेगी, वहीं फिलहाल शराब, कस्टम मिलिंग घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर पेरोल पर बाहर है। दीपावली के बाद 21 अक्टूबर को उनकी जेल वापसी होगी। जेल अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न घोटालों में जेल में बंद आरोपियों की दीपावली जेल के नियमों के अनुसार सामान्य कैदियों की तरह ही मनेगी।
जेल प्रशासन ने किसी को भी विशेष सुविधा देने से इनकार किया है। वहीं, राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि इन मामलों में जांच और भी तेज होगी और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। प्रवर्तन निदेशालय, राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो और केंद्रीय जांच ब्यूरो पहले से ही इन सभी घोटालों की संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं। छत्तीसगढ़ में यह पहला मौका है जब इतने बड़े पैमाने पर पूर्व मंत्री, अधिकारी और रसूखदार कारोबारी पिछले दो साल से जेल की सलाखों में कैद है।