जर्जर पुल बना जानलेवा: करोड़ों की सड़क परियोजना में अल्प समय में हुआ जर्जर

महासमुंद – सरायपाली : ग्राम लम्बर से कासीपाली मोड़ से राष्ट्रीय राजमार्ग सिंघोड़ा तक लगभग 40 किमी लंबे इस मार्ग पर निर्माण कार्य एशियन विकास बैंक (ADB) की सहायता से ₹129 करोड़ की लागत से किया गया, लेकिन परियोजना के अंतर्गत बने बिरकोल लात नाला पुल की हालत आज इतनी जर्जर हो चुकी है कि वह सुविधा नहीं, बल्कि मौत का रास्ता बन गया है।

हर दिन इस मार्ग से हजारों ग्रामीण, स्कूली छात्र, किसान, व्यापारी और श्रमिक यात्रा करते हैं। यह मार्ग लोहरीन डिपा, आंवला चका, बिरकोल, मोहन मुंडा, केदुवा, बीजाती पाली, डंगनिया, कलेण्डा, सूखा पाली सहित 20 से अधिक गाँवों की जीवनरेखा है।

तस्वीरें बयान कर रही हैं खस्ताहाल का सच —

पहली तस्वीर में पुल की उखड़ी कंक्रीट और खुले सरिए साफ नजर आ रहे हैं! दूसरी तस्वीर गिरा हुआ नागरिक सूचना पटल, जिस पर धूल-मिट्टी जमा है! तीसरी तस्वीर में साफ दिख रहा है कि कैसे पुल की सतह गड्ढों और दरारों से भर गई है!


ADB योजना का हाल — कागजों में चमक, ज़मीनी हकीकत बदहाल

यह परियोजना ADB सहायता से बर्बरिक प्रोजेक्ट लिमिटेड रायगढ़ द्वारा बनाई गई थी। इसमें पुल-पुलियों का निर्माण, WBM सुदृढ़ीकरण और संपर्क मार्गों का विकास शामिल था। लेकिन बिरकोल लात नाला पुल, जिस पर लाखों रुपये खर्च हुए, कुछ ही वर्षों में टूटने की कगार पर पहुंच चुका है।

नागरिक सूचना पटल भी जमींदोज, पारदर्शिता पर सवाल–

मार्ग किनारे प्रोजेक्ट की जानकारी देने वाला सूचना पटल आज झाड़ियों और धूल में दबा पड़ा है। बोर्ड गिरा हुआ है और जानकारी पढ़ना असंभव हो गया है। इससे साफ होता है कि न तो देखरेख हो रही है, न ही जिम्मेदारी तय की गई।

स्थानीय नागरिकों का कहना है –

जब सूचना पटल खुद गिरा पड़ा है, तो आम आदमी को जानकारी कैसे मिलेगी?”

PWD अधिकारी मिश्रा का बयान

इस मार्ग और पुल की स्थिति की मुझे अभी जानकारी नहीं है। मौके पर जाकर ही बता पाऊँगा कि यह ठेकेदार की मरम्मत अवधि में है या नहीं। अगर मरम्मत के लिए टेंडर निकलेगा तो इस पुल को भी शामिल कर प्रस्ताव भेजा जाएगा।

इस बयान से विभाग की लापरवाही और अनभिज्ञता उजागर होती है।

यह पुल क्यों बन चुका है जान का खतरा?

समस्या स्थिति —

पुल की सतह पर कंक्रीट उखड़ी, सरिए बाहर आ चुके हैं
संरचना सरियों में जंग लगने से कमजोर ढांचा दिखाई पड़ता है. बरसात में खतरा ज्वाइंट पर गहरे गड्ढे, पानी भरने से फिसलन का खतरा! सूचना पटल गिरा हुआ, धूल-मिट्टी में दबा, कोई जानकारी स्पष्ट नहीं! दुर्घटना की आशंका टायर फटना, वाहन फिसलना, बच्चों का गिरना आम हो गया है!

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