चाय पर चर्चा, जमीन से जुड़ा नेतृत्व: उज्जैन में आम लोगों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव, विकास और विश्वास दोनों पर बात

मुख्यमंत्री मोहन यादव


उज्जैन दौरे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव, सादगी और संवाद की मिसाल

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव गुरुवार सुबह उज्जैन पहुंचे और अपने दौरे की शुरुआत आध्यात्मिकता, सादगी और जनसंवाद से की। मुख्यमंत्री ने जहां एक ओर भगवान बृहस्पति मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की, वहीं दूसरी ओर आम जनता के बीच बैठकर चाय पीकर उनसे सीधा संवाद किया। यह दृश्य न सिर्फ चर्चा का विषय बना, बल्कि लोगों के दिलों को भी छू गया।

चाय की दुकान पर मुख्यमंत्री, जनता से सीधा संवाद

उज्जैन के तेलीवाड़ा चौराहे पर स्थित एक पुरानी चाय की दुकान पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अचानक पहुंचे। यहां उन्होंने—

  • स्थानीय लोगों के साथ बैठकर चाय पी
  • दुकानदार से हालचाल जाना
  • आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं
  • शहर से जुड़े मुद्दों पर अनौपचारिक चर्चा की

चाय पीने के बाद मुख्यमंत्री ने स्वयं चाय के पैसे दिए। दुकानदार ने संकोचवश पैसे लेने से मना किया, लेकिन मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा—

“ये तो लेना ही होंगे।”

इस छोटे से प्रसंग ने मुख्यमंत्री की सादगी और जमीन से जुड़े नेतृत्व की छवि को और मजबूत किया।

जनता की बात सुनने का बदला अंदाज

इस अनौपचारिक चर्चा के दौरान कई स्थानीय मुद्दे सामने आए। लोगों ने—

  • शहर के विकास कार्यों
  • यातायात व्यवस्था
  • रोजगार और शिक्षा
  • धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं

पर अपने विचार रखे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी बातों को ध्यान से सुना और संबंधित अधिकारियों तक बात पहुंचाने का भरोसा दिलाया।

निर्माणाधीन गीता भवन का किया अवलोकन

उज्जैन प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने शासकीय माधव विज्ञान महाविद्यालय के समीप निर्माणाधीन गीता भवन का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें परियोजना की प्रगति की जानकारी दी।

गीता भवन परियोजना की मुख्य जानकारियां:

  • भवन का स्वरूप: जी + 2
  • कुल क्षमता: 1250 सीट
  • कुल क्षेत्रफल: 5.11 एकड़
  • अनुमानित लागत: लगभग 34 करोड़ रुपये
  • निर्माण एजेंसी: पीडब्ल्यूडी पीआईयू
  • लक्ष्य पूर्णता तिथि: अप्रैल 2026

मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

विकास और संस्कृति का संतुलन

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक शहर में—

  • आधुनिक सुविधाओं का विकास
  • सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का संरक्षण
  • शिक्षा और सार्वजनिक अधोसंरचना का विस्तार

साथ-साथ होना चाहिए। गीता भवन इसी सोच का प्रतीक है, जो भविष्य में बड़े सांस्कृतिक और शैक्षणिक आयोजनों का केंद्र बनेगा।

प्रशासनिक अधिकारी भी रहे मौजूद

इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें—

  • विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा
  • विधायक संजय अग्रवाल
  • संभागायुक्त आशीष सिंह
  • एडीजी उमेश जोगा
  • डीआईजी नवनीत भसीन
  • कलेक्टर रौशन कुमार सिंह
  • पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा
  • एडीएम अतेंद्र सिंह गुर्जर

शामिल थे।

क्यों खास है यह दौरा?

  • मुख्यमंत्री का जनता से सीधा संवाद
  • बिना प्रोटोकॉल के आम लोगों के बीच पहुंचना
  • सादगी भरे व्यवहार से विश्वास बनाना
  • विकास कार्यों की जमीनी समीक्षा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *