दिशा पाटनी और PETA India ने केरल मंदिर को भेंट किया 500 किलोग्राम का रोबोटिक हाथी

रोबोटिक हाथी


केरल के त्रिशूर में सांस्कृतिक परंपरा और आधुनिक करुणा का अनोखा संगम देखने को मिला। बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी और PETA India ने थोडथरा कलापट्टू श्री भद्रकाली मंदिर को एक विशाल यांत्रिक हाथी (रोबोटिक हाथी) भेंट किया। इस पहल का उद्देश्य मंदिरों में जीवित हाथियों का प्रयोग कम करना और परंपराओं को मानवीय रूप से आगे बढ़ाना है।


रोबोटिक हाथी का विवरण

  • ऊँचाई: 3 मीटर
  • वजन: 500 किलोग्राम
  • निर्माण सामग्री: रबर, फाइबर, धातु, जाली, फोम और स्टील
  • संचालन: पाँच मोटरों द्वारा
  • विशेषता: दिखने और महसूस करने में वास्तविक हाथी जैसा अनुभव

PETA इंडिया के अनुसार, यह भारत का 20वां रोबोटिक हाथी और केरल में 11वां है। मंदिर ने कभी भी जीवित हाथियों को रखने या किराए पर लेने का निर्णय नहीं किया था, इसलिए इस दान को स्वागत किया गया।


उद्घाटन समारोह

  • यांत्रिक हाथी का अनावरण भव्य पंचवाद्यम प्रदर्शन के साथ हुआ।
  • दिशा पाटनी ने कहा: “मुझे खुशी है कि यांत्रिक हाथी अब थोडथरा कलापट्टू श्री भद्रकाली क्षेत्रम में अनुष्ठानों और समारोहों के लिए उपयोग किया जाएगा, ताकि परंपराएं अनुग्रह और करुणा के साथ जारी रह सकें।”

राजनीतिक और सामाजिक समर्थन

  • भाकपा विधायक ई टी टायसन मास्टर ने कहा कि यह प्रगतिशील कदम जानवरों और जनता दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
  • उन्होंने बताया कि यह निर्णय केरल के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है।

रोबोटिक हाथी के फायदे

  1. जानवरों की सुरक्षा: जीवित हाथियों को समारोहों और उत्सवों में इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं।
  2. परंपरा की निरंतरता: समारोह और अनुष्ठान बिना किसी बाधा के जारी रह सकते हैं।
  3. सुरक्षित और टिकाऊ: रबर और फाइबर निर्माण के कारण लंबे समय तक इस्तेमाल संभव।
  4. प्रभावशाली प्रदर्शन: पंचवाद्यम और अन्य कार्यक्रमों में वास्तविक हाथी जैसा अनुभव देता है।

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