अयोध्या में 31 अक्तूबर को मनेगी दीवाली, 30 को होगा भव्य दीपोत्सव

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दिवाली की पूजा कार्तिक अमावस्या के दिन प्रदोष काल में की जाती है। दिवाली पांच दिवसीय त्योहार है, जिसकी शुरुआत धनतेरस से होती है और भैया दूज पर समाप्त होती है। धनतेरस त्रयोदशी तिथि के दिन मनाया जाता है, जिसके अगले दिन चतुर्दशी तिथि पर छोटी दिवाली मनाई जाती है। दिवाली रौशनी व खुशियों का त्योहार है। यह त्योहार भगवान राम के 14 साल के वनवास के समाप्त होनेव अयोध्या वापस लौटनेकी खुशी का प्रतीक है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र के सदस्य अनिल मिश्रा ने दिवाली त्योहार की तारीख की पुष्टि करते हुए बताया कि 31अक्टूबर के दिन ही दिवाली पर्व मनाया जाएगा। प्रवक्ता शरद शर्मा नेकहा, दिवाली से एक दिन पहले मनाए जानेवाला त्योहार दीपोत्सव 30 अक्टूबर के दिन मनाया जाएगा।

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह पहली दीवाली है। अयोध्या में अबतक के सबसे भव्य दीपोत्सव की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इस साल 35 लाख से अधिक दीपक जलाने का संकल्प लिया गया है। इसमें से अकेले 28 लाख दीये केवल सरयूनदी के 55 घाटों पर जलाए जाएंगे। अयोध्या सहित पूरी दुनिया को इंतजार हैतो सिर्फ 30 अक्टूबर की शाम का। उस दिन सबके आराध्य भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या एक और कीर्तिमान रचने जा रही है। इस अद्भुत और अलौकिक पल का आनंद ले पाएंगे। विभाग द्वारा इस महोत्सव के दूरदर्शन व सोशल मीडिया प्लेट फार्मपर सीधा प्रसारण की व्यवस्था की गई हैं।

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