Diabetic Foot Care
📝 पूरा आर्टिकल (400+ शब्द)
डायबिटीज (मधुमेह) को अक्सर “साइलेंट किलर” कहा जाता है, क्योंकि यह धीरे-धीरे शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाता है और शुरुआत में इसके लक्षण साफ नजर नहीं आते। अनियंत्रित ब्लड शुगर दिल, किडनी, आंखों और नसों को प्रभावित करने के साथ-साथ पैरों की सेहत के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती है। डायबिटीज रोगियों में पैरों से जुड़ी समस्याएं इतनी आम हैं कि थोड़ी सी लापरवाही भी संक्रमण, घाव और गंभीर मामलों में अंग काटने तक की नौबत ला सकती है।
जब ब्लड शुगर लंबे समय तक बढ़ी रहती है, तो नसों की संवेदनशीलता कम होने लगती है (न्यूरोपैथी)। इसका मतलब यह है कि पैरों में लगी छोटी-सी चोट, छाला या खरोंच भी महसूस नहीं होती। ऊपर से खराब रक्त संचार के कारण घाव भरने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। ऐसे में सही Diabetic Foot Care बेहद जरूरी हो जाता है।
डायबिटीज रोगियों के लिए पैरों की देखभाल की 6 जरूरी बातें
1️⃣ पैरों को साफ और सूखा रखें
- रोजाना गुनगुने पानी और माइल्ड साबुन से पैर धोएं
- धोने के बाद खासतौर पर उंगलियों के बीच अच्छी तरह सुखाएं
- नमी रहने से फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है
2️⃣ पैरों की रोज जांच करें
- कट, लालिमा, सूजन, छाले या फटी त्वचा पर ध्यान दें
- शीशे की मदद से तलवों को भी देखें
- रोजाना जांच से समस्या को शुरुआती स्टेज में पकड़ा जा सकता है
3️⃣ मॉइस्चराइजर का सही इस्तेमाल करें
- एड़ियों और तलवों पर हल्का मॉइस्चराइजर लगाएं
- उंगलियों के बीच लोशन लगाने से बचें
- ज्यादा नमी फंगल इंफेक्शन को जन्म दे सकती है
4️⃣ नाखून बहुत सावधानी से काटें
- नाखून हमेशा सीधे काटें, बहुत अंदर तक न जाएं
- बहुत पास से काटने पर इनग्रोन नेल की समस्या हो सकती है
- नजर कमजोर हो तो किसी प्रोफेशनल की मदद लें
5️⃣ आरामदायक जूते और मोजे पहनें
- तंग या सख्त जूते पैरों में छाले और घाव बना सकते हैं
- कुशनिंग वाले जूते और मुलायम मोजे चुनें
- नंगे पैर चलने से बिल्कुल बचें
6️⃣ दर्द या बदलाव को नजरअंदाज न करें
- पैरों में लगातार दर्द, सुन्नपन या रंग बदलना गंभीर संकेत हो सकता है
- धीरे-धीरे ठीक होने वाले घाव तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
- समय पर इलाज से बड़ी जटिलताओं से बचा जा सकता है
क्यों जरूरी है Diabetic Foot Care?
- संक्रमण से बचाव
- घाव जल्दी भरने में मदद
- अस्पताल में भर्ती होने का खतरा कम
- पैरों को लंबे समय तक स्वस्थ रखना