डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ से अमेरिकी बाजार की लगी लंका, 2 लाख करोड़ डॉलर डूबे, एपल-नाइकी के शेयर 15% तक टूटे

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका का व्यापार घाटा कम करने के लिए भारत समेत 180 से अधिक देशों पर डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा की है। हालांकि ट्रंप का ये दांव उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ ऐलान से अमेरिकी शेयर बाजार में हाहाकार मच गया है। डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ नीति से अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है, जिससे वैश्विक मंदी की आशंका बढ़ गई है।

रेसिप्रोकल टैरिफ के एलान के बाद अमेरिकी बाजार में गुरुवार को तेज गिरावट देखने को मिली है। S&P 500 इंडेक्स के मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर की गिरावट देखने को मिली। नए टैरिफ से अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी में जाने का डर बढ़ गया है। सबसे ज्यादा नुकसान उन कंपनियों को हुआ है, जिनकी सप्लाई चेन विदेशी मैन्युफैक्चरिंग पर सबसे ज्यादा निर्भर हैं। जैसे कि एप्पल।

अमेरिकी राष्ट्रपति के रेसिप्रोकल टैरिफ के ऐलान के बाद 3 अप्रैल को अमेरिकी शेयर बाजार का इंडेक्स डाउ जोन्स 1,679 पॉइंट (3.98%) गिरकर 40,545 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, S&P 500 इंडेक्स में 274 पॉइंट (4.84%) की गिरावट रही। ये 5,450 के स्तर पर आ गया। नैस्डेक कंपोजिट सबसे ज्यादा 1,050 अंक (5.97%) गिरकर बंद हुआ। नाइकी, बोइंग, एपल और अमेजन जैसी कंपनियों के शेयरों में 15% तक की गिरावट आई। एयरलाइन, क्लोदिंग, रिटेल, टेक्नोलॉजी, बैंक सभी सेक्टर के शेयरों में गिरावट आई।

वॉल स्ट्रीट के बेंचमार्क इंडेक्स 2020 के बाद से एक ही दिन में सबसे बड़े प्रतिशत नुकसान के साथ बंद हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ लगाए जाने के बाद ट्रेड वार और वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंका फैल गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टफ टैरिप ने दुनियाभर में हड़कंप मचा दिया है। चीन-पाकिस्तान से लेकर गरीब एशियाई देशों में भी हाहाकार है।


वॉल स्ट्रीट पर नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स में सबसे अधिक गिरावट रही। यह दिन के कारोबार में 5.97% गिर गया जो मार्च 2020 के बाद से एक दिन में इसकी सबसे बड़ी गिरावट है। एसएंडपी 500 और डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में जून 2020 के बाद से एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

टैरिफ लगाने की घोषणा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा- भारत अमेरिका पर 52% तक टैरिफ लगाता है, इसलिए अमेरिका भारत पर 26% टैरिफ लगाएगा। अन्य देश हमसे जितना टैरिफ वसूल रहे, हम उनसे लगभग आधे टैरिफ लेंगे। इसलिए टैरिफ पूरी तरह से रेसिप्रोकल नहीं होंगे। वहीं उन्होंने कहा कि भारत बहुत सख्त है। मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं, लेकिन टैरिफ को लेकर हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं।

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