हरियाणा में भाजपा की जीत से लग सकती है यादव नेताओं की लॉटरी, डिप्टी सीएम पर भी नजर

भाजपा को हरियाणा में मिली अप्रत्याशित जीत ने कई नेताओं की लॉटरी लगा दी है। इनमें पहला नंबर तो सीएम नायब सिंह सैनी का ही है। उन्हें भाजपा ने 6 महीने पहले ही सीएम बनाया था और सियासी हलकों में उन्हें बलि का बकरा बताया जा रहा था। 10 साल की ऐंटी इनकम्बैंसी में हार के चर्चे थे और कहा जा रहा था कि खट्टर तो केंद्रीय मंत्री बन गए, लेकिन नायब सिंह सैनी पर हार का ठीकरा फूटेगा। अब जब भाजपा जीती है तो 6 महीने के सीएम बने नायब सिंह सैनी के लिए अब पूरे 5 साल के कार्यकाल का रास्ता साफ हो गया है।

इसके अलावा भाजपा को 11 में से 10 सीटें देने वाले अहीरवाल बेल्ट के नेताओं की भी बांछें खिल सकती हैं। अटेली विधानसभा सीट से केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की बेटी आरती सिंह राव चुनाव जीती हैं। ऐसे में वह चाहते हैं कि आरती राव को मंत्री पद मिल जाए। राव इंद्रजीत सिंह तो सीएम पद के लिए दावेदारी कर रहे हैं, जो मुश्किल लगती है। लेकिन उनकी बेटी को जरूर मंत्री पद मिल सकता है। राव इंद्रजीत सिंह कहते हैं कि अहीरवाल बेल्ट मंत्री परिषद में बड़ी हिस्सेदारी चाहता है। राव इंद्रजीत का कहना है, ‘तीन बार यहां को लोगों ने भाजपा पर भरोसा जताया है। अब हम चाहते हैं कि मंत्री परिषद में अच्छा प्रतिनिधित्व मिले। इसके साथ ही एक पावरफुल मंत्री भी हो।’

नतीजों के बाद उनके रेवाड़ी स्थित रामपुरा हाउस में जोरदार जश्न देखने को मिला था। राव इंद्रजीत सिंह की बेटी ने 3085 वोटों से जीत पाई। इसके अलावा 9 अन्य उम्मीदवारों ने भी जीत पाई, जिन्हें राव इंद्रजीत की सिफारिश पर टिकट मिला था। यही नहीं हरियाणा की सबसे बड़ी असेंबली सीट कहे जाने वाले बादशाहपुर से जीत राव नरबीर सिंह चाहते हैं कि डिप्टी सीएम का पद मिल जाए। वह अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। चुनाव के बाद उनकी हाईकमान से दिल्ली में मुलाकात भी हुई है। यही नहीं मीडिया से नरबीर ने कहा कि यह जीत उत्साहित करने वाली है। मैं किसी भी रोल के लिए तैयार हूं, लेकिन उम्मीद है कि पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी। उसके तहत मैं लोगों की सेवा करूंगा।

दरअसल नरबीर सिंह को टिकट मिलना भी मुश्किल था। कहा जाता है कि अमित शाह के दखल के बाद ही उन्हें टिकट मिला था। अमित शाह ने उनके लिए कैंपेन भी किया था और कहा था कि यदि वह जीते तो बड़े आदमी बनेंगे। अब 60 हजार वोटों से जीतने के बाद राव नरबीर सिंह का दावा भी मजबूत हो गया है। एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि राव नरबीर के दावे को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। यदि वह डिप्टी सीएम नहीं बने तो भी उन्हें कैबिनेट में कोई बड़ा पद मिल सकता है।

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