आरजी कर की घटना की थीम पर बना दुर्गा पूजा का पंडाल, मां दुर्गा को सिर झुकाए हुए दिखाया गया

कोलकाता में आरजी कर रेप और हत्या के विरोध के बीच एक दुर्गा पूजा कमेटी ने अपनी थीम के जरिए महिलाओं पर अत्याचार के खिलाफ विरोध करने का फैसला किया है. बिस्वजीत सरकार ने अपनी दुर्गा पूजा में लज्जा या शर्म नामक एक थीम बनाई है. बिस्वजीत सरकार के भाई अभिजीत सरकार भाजपा नेता थे, जिनकी 2021 के चुनाव के बाद हिंसा में हत्या कर दी गई थी. इस थीम में देवी दुर्गा अपने हाथों से अपना चेहरा छिपाती हैं और उनका राजसी शेर अपना सिर झुकाए हुए है. उनके सामने एक सफेद कपड़े में लिपटी महिला का शव पड़ा है.

‘महिलाओं को कैसे सताया जा रहा है, मां दुर्गा नहीं देख पा रही हैं’
बीजेपी से जुड़े आयोजक बिस्वजीत सरकार ने इंडिया टुडे से कहा, ‘कामदुनी, हसखली, आरजी कर और चुनाव के बाद की हिंसा. मां दुर्गा के सामने यह सब हो रहा है, राज्य में महिलाओं को कैसे आतंकित किया जा रहा है और वह यह सब नहीं देख पा रही हैं. वह अपनी आंखे छिपा रही हैं. उनका शेर, जो सबसे शक्तिशाली है, शर्म से अपना सिर झुकाए हुए है. यह सिर्फ एक आरजी कर पीड़िता का मामला नहीं है, बल्कि हाल के दिनों में महिलाओं पर हुए सभी अत्याचारों का प्रतीक है.

पंडाल के पास एक भंडार भी है, जिस पर 500 रुपये का नोट चिपका हुआ है. बिस्वजीत ने कहा कि यह राज्य की लक्ष्मी भंडार योजना पर कटाक्ष है, जिसके तहत महिलाओं को 500 और 1000 रुपये दिए जाते हैं. उन्होंने कहा कि राज्य द्वारा ऐसी कल्याणकारी योजनाएं वास्तविकताओं से ध्यान हटाने के लिए दी जा रही हैं और जो लोग वोट देने जाते हैं, उन्हें भविष्य के चुनावों में मतदान करते समय महिलाओं की सुरक्षा के बारे में ध्यान रखना चाहिए.

9 अगस्त को हुई थी घटना
गौरतलब है कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल अस्पताल के सेमिनार हॉल से 9 अगस्त को 31 साल की ट्रेनी महिला डॉक्टर का शव मिला था. उसके शरीर से कपड़े गायब थे. खून बह रहा था. शरीर पर चोटों के निशान थे. इस घटना के बाद रेजिडेंट डॉक्टर्स में नाराजगी बढ़ गई थी और वे हड़ताल पर चले गए थे. मामले में पुलिस ने आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार किया है.

बता दें कि ट्रेनी डॉक्टर की उम्र 31 साल थी, जो उस दिन तीन और डॉक्टर्स के साथ नाइट ड्यूटी पर थी. इनमें दो डॉक्टर चेस्ट मेडिसिन डिपार्टमेंट थे, एक ट्रेनी थी. एक कर्मचारी अस्पताल के हाउस स्टाफ से था. उस रात को इन सभी डॉक्टर्स और कर्मचारियों ने साथ में खाना खाया था. इसके बाद महिला डॉक्टर रात को करीब दो बजे सोने के लिए अस्पताल के सेमिनार हॉल में चली गई थी.

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