‘पहले कह रहे थे अक्षय शिंदे को फांसी पर चढ़ाओ, अब पूछ रहे क्यों मारा’, MVA पर बरसे अजित पवार

महाराष्ट्र के बदलापुर में एक प्राइवेट स्कूल की दो नाबालिग बच्चियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न के आरोपी अक्षय शिंदे की सोमवार को पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई. यह घटना तब हुई जब अक्षय शिंदे ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी की बंदूक छीनकर उस पर तीन गोलियां चला दीं. जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली अक्षय की कनपटी में जाकर लगी और उसकी मौत हो गई. इस घटना पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

मीडिया कर्मियों ने मंगलवार को जब अक्षय शिंदे के एनकाउंटर पर अजित पवार से सवाल किया तो उन्होंने कहा, ‘अक्षय शिंदे एक विकृत मनोवृत्ती का आदमी था. छोटी-छोटी बच्चियों के साथ उसने इतना अत्याचार किया कि मैं इसे बयां नहीं कर सकता. उन बच्चियों ने अपने परिवार को उसके अत्याचार के बारे में जानकारी दी. वह इतना हरामी था… उस वक्त बदलापुर के लोगों ने 9 घंटे ट्रेन रोक कर रखी थी. इतना गुस्सा उन लोगों में था. उसे पकड़ो और फांसी पर लटकाओ, ऐसी मांग उस वक्त हो रही थी.’

अजित पवार ने आगे कहा, ‘हमने उन बच्चियों की मेडिकल जांच कराई. मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की. इस घटना की चर्चा पूरे देश में हुई. उस वक्त विपक्षी नेता बोल रहे थे कि राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं. अब विपक्षी नेता बोल रहे हैं कि उसे क्यूं मारा. पहले कह रहे थे उसे फांसी दो. ऐसा कैसे चलेगा. कौन अपने घर की महिला को असुरक्षित रखेगा? ये पूरा राज्य हमारा घर है. उसे पकड़ा गया और कल जेल से पुलिस पूछताछ के लिए ले गई थी.’

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी चीफ अजित पवार ने कहा, ‘आरोपी ने पास बैठे पुलिसकर्मी की रिवॉल्वर निकाल ली और तीन गोलियां चलाईं. एक पुलिसवाले को गोली लगी है. जब उस विकृत आदमी ने पुलिस पर गोली चलाई तो पुलिसकर्मियों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह मारा गया. इस घटना का मैं समर्थन नहीं करता, जांच होगी. पुलिस ने आत्मरक्षा में ये कदम उठाया. छोटी बच्चियों पर अत्याचार करते वक्त उस हरामखोर को लज्जा नहीं आयी.’

इस बीच महाराष्ट्र पुलिस ने बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले के आरोपी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत की जांच सीआईडी से कराने का फैसला किया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि चूंकि यह घटना पुलिस हिरासत में मौत से संबंधित है, इसलिए इसकी जांच महाराष्ट्र सीआईडी ​​द्वारा की जाएगी. उन्होंने कहा कि सीआईडी ​​अधिकारियों की एक टीम मुंब्रा बाईपास पर उस स्थान का दौरा करेगी जहां घटना हुई थी. अधिकारी ने कहा कि सीआईडी उन पुलिस कर्मियों के बयान भी दर्ज करेगी जो घटना के समय आरोपी अक्षय शिंदे के साथ वाहन में मौजूद थे. सीआईडी ​​अक्षय शिंदे के माता-पिता का बयान भी दर्ज करेगी.

अक्षय शिंदे उस स्कूल में सफाईकर्मी था, जिसमें पढ़ने वाली दो नाबालिग बच्चियों से ​कथित यौन उत्पीड़न का आरोप उसके ऊपर लगा था. वह तलोजा जेल में बंद था. अक्षय पर उसकी पहली पत्नी ने भी अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने का आरोप लगाए था और इस संबंध में एफआईआर दर्ज करवाई थी. ठाणे पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट ने उसकी पहली पत्नी द्वारा दायर मामले की जांच के लिए अक्षय को जेल से हिरासत में लिया था.

ठाणे पुलिस का दावा है कि क्राइम ब्रांच दफ्तर के रास्ते में जैसे ही वैन मुंब्रा बाईपास पर पहुंची, अक्षय शिंदे ने एक पुलिसकर्मी की रिवॉल्वर छीन ली और फायरिंग करने लगा. एक गोली असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर नीलेश मोरे की जांघ में लगी. सीनियर इंस्पेक्टर संजय शिंदे ने जवाबी फायरिंग की और गोली अक्षय की कनपटी में जाकर लगी. उसे कालवा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. एपीआई नीलेश मोरे अस्पताल में भर्ती हैं.

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