भारत अमेरिका व्यापार समझौता शेयर बाजार
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मुंबई। भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते की खबर ने मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में जबरदस्त उत्साह भर दिया। कारोबारी सप्ताह की शुरुआत में ही निवेशकों का भरोसा इस कदर बढ़ा कि सेंसेक्स और निफ्टी ने जोरदार छलांग लगाई। शुरुआती कारोबार में बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली और लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।
बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह खुलते ही 3,656.74 अंकों की उछाल के साथ 85,323.20 के स्तर पर पहुंच गया। कुछ ही देर में यह और तेजी पकड़ते हुए 4,205.27 अंक चढ़कर 85,871.73 तक पहुंच गया। खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 2,227.60 अंक यानी 2.73 प्रतिशत की बढ़त के साथ 83,894.06 पर कारोबार कर रहा था।
📈 निफ्टी ने भी दिखाई दमदार तेजी
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी सेंसेक्स के साथ कदम से कदम मिलाकर चला—
- निफ्टी की ओपनिंग: 1,219.65 अंक की तेजी के साथ 26,308.05
- दिन का उच्च स्तर: 26,341.20
- खबर लिखे जाने तक:
- 677.70 अंक की बढ़त
- 2.70 प्रतिशत उछाल
- स्तर: 25,766.10
यह तेजी साफ तौर पर बताती है कि निवेशक भारत-अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते को आर्थिक दृष्टि से बेहद सकारात्मक मान रहे हैं।
🏦 सभी सेक्टरों में दिखी मजबूती
मंगलवार के कारोबार में—
- लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स में जोरदार तेजी
- आईटीसी को छोड़कर सेंसेक्स की सभी कंपनियां हरे निशान में
- बैंकिंग, आईटी, ऑटो और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी
विशेषज्ञों के अनुसार, व्यापार समझौते से—
- विदेशी निवेश बढ़ने की उम्मीद
- निर्यात और टेक्नोलॉजी सेक्टर को फायदा
- बैंकिंग और कैपिटल गुड्स सेक्टर को मजबूती
🚀 इन दिग्गज शेयरों ने बढ़ाया बाजार का रफ्तार
सेंसेक्स और निफ्टी की इस ऐतिहासिक तेजी में जिन दिग्गज कंपनियों का सबसे बड़ा योगदान रहा, उनमें शामिल हैं—
- रिलायंस इंडस्ट्रीज
- एचडीएफसी बैंक
- आईसीआईसीआई बैंक
- एलएंडटी
- इंफोसिस
- बजाज फाइनेंस
- एक्सिस बैंक
- महिंद्रा एंड महिंद्रा
इन शेयरों में आई मजबूत खरीदारी ने बाजार को नई ऊंचाइयों की ओर धकेल दिया।
🌍 व्यापार समझौते से क्यों बढ़ा निवेशकों का भरोसा?
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अमेरिका व्यापार समझौता शेयर बाजार के लिए इसलिए अहम है क्योंकि—
- इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ेगा
- भारतीय कंपनियों को अमेरिकी बाजार में नए अवसर मिलेंगे
- टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सीधा लाभ होगा
- दीर्घकाल में आर्थिक विकास की रफ्तार तेज हो सकती है