फाइलेरिया से जंग का असरदार तरीका: एमएमडीपी किट और नियमित व्यायाम से बदलेगी मरीजों की ज़िंदगी

फाइलेरिया एमएमडीपी कार्यक्रम


फाइलेरिया एमएमडीपी कार्यक्रम: बीमारी नहीं बनेगी दिव्यांगता की वजह

फाइलेरिया जैसी गंभीर और लंबे समय तक परेशान करने वाली बीमारी से लड़ने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग फाइलेरिया एमएमडीपी कार्यक्रम के जरिए ठोस कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में देवरिया जिले के भलुअनी ब्लॉक स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर बढ़या फुलवारिया में फाइलेरिया मरीजों के लिए रुग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता निवारण (MMDP) प्रशिक्षण और जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

इस शिविर का उद्देश्य फाइलेरिया से पीड़ित मरीजों को सही देखभाल, नियमित व्यायाम और साफ-सफाई के जरिए सामान्य जीवन जीने के लिए सक्षम बनाना था।


शिविर में क्या-क्या हुआ?

शिविर के दौरान कुल 13 फाइलेरिया (हाथीपांव) मरीजों को एमएमडीपी किट वितरित की गई। यह कार्यक्रम सीएचओ के नेतृत्व में गठित पीएसपी (Patient Stake Holder Platform) के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एसीएमओ वेक्टर बॉर्न कंट्रोल प्रोग्राम डॉ. हरेंद्र कुमार ने फाइलेरिया मरीजों को महत्वपूर्ण संदेश दिया।


एमएमडीपी से कैसे मिलेगी राहत?

डॉ. हरेंद्र कुमार के अनुसार:

  • प्रभावित अंग की नियमित साफ-सफाई बेहद जरूरी है
  • संक्रमण से बचाव करने से सूजन और दर्द कम होता है
  • नियमित व्यायाम करने से हाथीपांव की गंभीरता घटती है
  • सही देखभाल से मरीज दिव्यांगता से बच सकते हैं
  • फाइलेरिया के बावजूद सामान्य जीवन संभव है

उन्होंने कहा कि एमएमडीपी केवल इलाज नहीं, बल्कि मरीजों को आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम है।


फाइलेरिया कैसे फैलता है?

जिला मलेरिया अधिकारी सी.पी. मिश्रा ने फाइलेरिया की गंभीरता और कारणों पर प्रकाश डालते हुए बताया:

  • यह बीमारी क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलती है
  • संक्रमित व्यक्ति को काटने वाला मच्छर जब स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो संक्रमण फैलता है
  • इसके लक्षण 5 से 15 साल बाद सामने आते हैं
  • मुख्य लक्षण:
    • हाथ-पैर में सूजन
    • अंडकोष में असामान्य सूजन

उन्होंने बताया कि:

  • शुरुआती पहचान से बीमारी को रोका जा सकता है
  • साल में एक बार, लगातार 5 वर्षों तक दवा सेवन करने से फाइलेरिया से बचाव संभव है

डेमो के जरिए सिखाई गई देखभाल की विधि

पीएसपी सदस्य और सीएचओ ब्यूटी विश्वास ने मरीजों को:

  • प्रभावित अंग धोने की सही विधि
  • एमएमडीपी किट में मौजूद:
    • साबुन
    • तौलिया
    • एंटीसेप्टिक
    • अन्य जरूरी सामग्री
  • घावों की घरेलू देखभाल
  • फाइलेरिया में लाभकारी व्यायाम

डेमो के माध्यम से समझाया, ताकि मरीज घर पर ही नियमित देखभाल कर सकें।


कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी

इस जागरूकता शिविर में कई लोग शामिल रहे, जिनमें प्रमुख हैं:

  • सीफार संस्था के जिला प्रतिनिधि
  • पीएसपी सदस्य व ग्राम प्रधान कृष्णमोहन तिवारी
  • संगिनी मंजू देवी
  • फाइलेरिया मरीज सत्यप्रकाश, कमला देवी
  • आशा कार्यकर्ता
  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
  • ग्रामीण और अन्य फाइलेरिया मरीज

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