केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारी लगातार कई वर्षों से पुराने पेंशन स्कीम को फिर से बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारी लगातार कई वर्षों से पुराने पेंशन स्कीम को फिर से बहाल करने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर कई बार आंदोलन भी हो चुके हैं। विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कई चुनावों में इसका वादा कर्मचारियों से किया है। इस बीच बीते 10 वर्षों में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्र सरकार के कर्मचारियों और कार्मिक मंत्रालय के राष्ट्रीय स्तर के संयुक्त परामर्श तंत्र (जेसीएम) में कर्मचारी प्रतिनिधियों से मिलेंगे। इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

कार्मिक मंत्रालय ने जेसीएम सचिव शिव गोपाल मिश्रा और जेसीएम के कर्मचारी पक्ष के अन्य सदस्यों को शनिवार को प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास पर पीएम से मिलने के लिए निमंत्रण भेजा गया है। बैठक में पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का मुद्दा उठने की संभावना है।

शिव गोपाल मिश्रा ने अंग्रेजी अखबार ‘द हिंदू’ को बताया कि कर्मचारी प्रतिनिधियों ने पीएम मोदी से मुलाकात की मांग की थी। उन्होंने कहा, “हम कई मुद्दों पर सरकार के संपर्क में हैं। हम अपने मुद्दों पर प्रधानमंत्री से भी मिलना चाहते थे।” उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिसका अभी तक समाधान नहीं हुआ है। हम इसे प्रधानमंत्री के समक्ष भी उठाएंगे।

केंद्र सरकार और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों की यूनियनों ने पहले 1 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया था। सरकार के साथ चर्चा के बाद इसे टाल दिया गया था। वे पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने और सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण और निगमीकरण को रोकने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी केंद्र से विभिन्न विभागों में मौजूदा पदों को भरने की भी मांग कर रहे हैं।

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