EOW-ACB ने बैंक घोटाले में मुख्य शाखा प्रबंधक विजय कुमार अहके के खिलाफ चालान पेश किया, ढाई करोड़ का गबन!

बैंक घोटाला रायपुर


रायपुर में बैंक घोटाला: मुख्य शाखा प्रबंधक ने किया ढाई करोड़ का गबन, EOW-ACB ने पेश किया चालान

रायपुर: राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW-ACB) ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के मुख्य शाखा प्रबंधक विजय कुमार अहके के खिलाफ एक बैंक घोटाले में चालान पेश किया है। यह घोटाला रायपुर में स्थित भारतीय स्टेट बैंक के स्पेशलाइज्ड करेंसी एडमिनिस्ट्रेशन ब्रांच (SCAB) में हुआ, जिससे दो करोड़ अठहत्तर लाख रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति हुई।

घोटाले का तरीका और जांच

जांच के दौरान पता चला कि विजय कुमार अहके ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक के कंप्यूटर सिस्टम का इस्तेमाल करके कूटरचित वाउचर तैयार किए थे। यह सब 28 अगस्त 2024 से लेकर 11 जून 2025 तक हुआ। अहके ने अपनी चालाकी से 5 लाख रुपये से कम की प्रत्येक लेनदेन की राशि रखी, ताकि बैंक के हाई वैल्यू ट्रांसफर अलर्ट सिस्टम से बच सके। इसके बाद, पुराने BGL खातों में लेनदेन की नई प्रविष्टि करके बैंक के नियंत्रक अधिकारियों को वित्तीय स्थिति की सही जानकारी नहीं मिलने दी।

गबन की राशि और तरीका

अहके ने 75 लेनदेन के माध्यम से गबन की कुल राशि अपने धर्मपत्नी के बैंक खाते में स्थानांतरित की। इसके बाद उसने उक्त राशि को नेट बैंकिंग के माध्यम से अपने व्यक्तिगत बैंक खाते में ट्रांसफर किया और क्रिप्टो करेंसी और कमोडिटी ट्रेडिंग में निवेश किया।

आर्थिक क्षति:

इस घोटाले के कारण SCAB, रायपुर को दो करोड़ अठहत्तर लाख पच्चीस हजार चार सौ इक्यानवे रुपये की वित्तीय क्षति हुई। यह मामला बैंकिंग धोखाधड़ी का एक गंभीर उदाहरण पेश करता है और इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

विजय कुमार अहके की गिरफ्तारी

आरोपी विजय कुमार अहके वर्तमान में केन्द्रीय जेल, रायपुर में निरुद्ध हैं। उनके खिलाफ विशेष न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया गया है, जिसमें कुल 1,290 पेज का अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया है। इस मामले की जांच लगातार जारी है और इसके परिणाम स्वरूप बैंकिंग क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर और कड़ी निगरानी की आवश्यकता महसूस हो रही है।

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