छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में ईओडब्लू ने बड़ी कार्रवाई की है। ईओडब्लू ने इस मामले में रिटायर्ड IAS अफसर अनिल टुटेजा को गिरफ्तार कर लिया।

करीब 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा के इस शराब घोटाले में ईओडब्लू ने 8 अप्रैल को एफआईआर दर्ज की थी। लेकिन अनिल टुटेजा समेत विभिन्न आरोपियों ने ईओडब्लू की कार्य़वाई को कोर्ट में चुनौती दी थी जहां से अनिल टुटेजा को राहत मिल गई थी। लेकिन 20 अगस्त को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ईओडब्लू, एसीबी और ईडी की कार्यवाई को चुनौती देनेवाली सभी याचिकाओं को खारिज कर अनिल टुटेजा के राहत को भी रद्द कर दिया था। इसके बाद से ही स्पष्ट हो गया था कि ईओडब्लू अनिल टुटेजा को गिरफ्तार कर लेगी।

हांलाकि अनिल टुटेजा अब भी जेल में है। लेकिन उन्हें वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए एसीबी कोर्ट में पेश किया गया। जहां ईओडब्लू ने अनिल टुटेजा की सात दिन की रिमांड मांगी। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। हांलाकि बचाव पक्ष के वकील ने रिमांड का विरोध किया था लेकिन कोर्ट ने ईओडब्लू को सात दिन की रिमांड दे दी है।

अनिल टुटेजा पिछले साल सर्विस से रिटायर्ड हुए थे। सुप्रीम कोर्ट की ओर से हाल ही में आयकर विभाग की शिकायत पर आधारित अपनी पिछली एफआईआर को रद्द करने के बाद ईओडब्लू ने कथित शराब घोटाला मामले में एक नया मामला दर्ज किया था। पिछले साल जुलाई में ईडी ने रायपुर की एक पीएमएलए अदालत में कथित शराब घोटाला मामले में चार्जशीट दायर की थी, जिसमें उसने दावा किया था कि 2019 में शुरू हुए कथित शराब घोटाले में 2,161 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार किया गया था जिसके मास्टर माईंड अनिल टुटेजा थे। यह राशि राज्य के खजाने में जानी चाहिए थी।

ईडी ने दावा किया कि अनिल टुटेजा और व्यवसायी अनवर ढेबर (कांग्रेस नेता और रायपुर के मेयर ऐजाज ढेबर के भाई) के नेतृत्व में एक आपराधिक सिंडिकेट ने दो हजार करोड़ से ज्यादा की राशि का गबन किया। इस साल की शुरुआत में, छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध शाखा/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भी ईडी की रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस नेताओं और कंपनियों सहित 70 लोगों के खिलाफ कथित शराब घोटाले में मामला दर्ज किया था।

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