सांप भी मर जाए, लाठी भी न टूटे; US ने चल दी ऐसी चाल: क्या हैं JASSM मिसाइलें, रूस के लिए क्यों बनीं काल

रूस-यूक्रेन युद्ध में अमेरिका ने अब ऐसी चाल चली है, जिससे सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे। यानी एक तरह से वह रूस पर अपने हथियारों से घातक हमला भी करवा दे और अपने हथियारों को रूस की भौगोलिक सीमा में इस्तेमाल न करने के यूक्रेन पर लगाए गए प्रतिबंध भी जस के तस रह जाएं। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका ने यूक्रेन को लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें JASSM देने का फैसला किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वॉशिंगटन और कीव इस हथियार के लिए समझौते के करीब हैं। JASSM वो मिसाइलें हैं जो यूक्रेन की सीमा से ही छोड़ी जाएंगी लेकिन रूस के अंदर तक जाकर तबाही मचाएंगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सेना के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बेन होजेस ने अमेरिका द्वारा यूक्रेन को JASSM मिसाइलें देने के फैसले का स्वागत किया है। होजेस लंबे समय से मांग करते रहे हैं कि कीव को लंबी दूरी की मारक क्षमता वाले हथियार दिए जाएं, ताकि रूस के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर लड़ाई लड़ सके। उन्होंने कहा कि यह काम पहले ही हो जाना चाहिए था। यूक्रेन लगातार अमेरिका समेत तमाम पश्चिमी देशों से लंबी दूरी के हथियारों की सप्लाई करने और इस्तेमाल की इजाजत मांगता रहा है लेकिन अमेरिका इससे कतराता रहा है। अमेरिका को आशंका है कि रूसी क्षेत्रों में पश्चिमी देशों के हथियारों के इस्तेमाल से ना केवल संघर्ष बढ़ने का डर पैदा होगा बल्कि परमाणु हथियारों के इस्तेमाल और विश्वयुद्ध छिड़ने की आशंका भी बलबती होंगीं।

Joint Air-to-Surface Standoff Missiles (JASSM) यानी संयुक्त हवा से सतह पर मार करने वाली स्टैंडऑफ मिसाइलें, जो F-16 जैसे लड़ाकू विमानों से हवा में ही लॉन्च की जा सकेंगी और सतह पर अपने टारगेट को ध्वस्त कर सकेंगी। ये क्रूज मिसाइलें हैं, जिसकी मारक क्षमता 530 किलोमीटर से 925 किलोमीटर तक हैं। इनमें GPS नेविगेशन सिस्टम लगा होता है, जो टारगेट को साधने में अचूक होती हैं। ये मिसाइलें इन्फ्रारेड होमिंग से भी लैस हैं, जो स्वतंत्र रूप से टारगेट की पहचान कर पाने में भी सक्षम हैं।

इसका वजन 450 किलोग्राम होता है। इसमें 109 किलो विस्फोटक लदा होता है। एक JASSM की कीमत 30 लाख डॉलर है। एक F-16 लड़ाकू विमान दो JASSM मिसाइलें अपने साथ ले जा सकता है। टारगेट करते समय ये मिसाइलें धरती के अंदर 79 फीट तक घुस सकती हैं। इससे दुश्मन के ठिकानों पर कोहराम मच सकता है। यह किसी भी तरह की कंक्रीट से बने किले को भेद सकता है। इस मिसाइल को रडार से डिटेक्ट कर पाना मुश्किल हो सकता है, जिसकी वजह से इसकी मारक क्षमता अचूक है।

अमेरिका पहले ही F-16 लड़ाकू विमानों की सप्लाई यूक्रेन को कर चुका है। अब JASSM मिसाइल मिल जाने से F-16 लड़ाकू विमानों की क्षमता में न केवल बढ़ोत्तरी हो सकेगी बल्कि यूक्रेनी सेना अपनी भौगोलिक सीमा में रहकर क्रीमिया और अन्य रूसी क्षेत्रों में भारी तबाही मचा सकेगी। इन मिसाइलों की उपलब्धता से यूक्रेन की युद्ध क्षमता में इजाफा हो सकेगा और रणनीतिक रूप से रूसी ठिकानों को बिना रूस के अंदर घुसकर नष्ट कर सकेगा। इसके अलावा रूस से किए गए मिसाइल हमलों को हवा में ही नष्ट कर सकेगा।

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