बाल अधिकार कार्यशाला
बच्चों के अधिकारों पर राज्यस्तरीय कार्यशाला
रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में बच्चों के अधिकारों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कार्यशाला का उद्घाटन किया और बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यशाला की विशेषताएं
यह कार्यशाला दो सत्रों में आयोजित की गई। पहले सत्र में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की शाइस्ता शाह ने बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की, वहीं दूसरे सत्र में रायपुर कमिश्नरेट के संजीव शुक्ला ने बच्चों से संबंधित विभिन्न मामलों पर विचार-विमर्श किया। इस कार्यशाला में जिला शिक्षा अधिकारी, बाल कल्याण अधिकारी, बाल गृह अधीक्षक, और विशेष किशोर पुलिस इकाई के अधिकारी भी शामिल हुए।
बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा पर मंथन
आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि यह कार्यशाला केवल चिंतन और चिंता का विषय नहीं है, बल्कि मंथन करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के प्रति गंभीरता दिखानी होगी, ताकि राष्ट्र की नींव मजबूत बने और बच्चों के उज्जवल भविष्य की दिशा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों से अपराध नहीं होते, बल्कि वे गलतियां करते हैं, और हमें उन्हें सुधारने और सुरक्षा देने की आवश्यकता है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री का महत्वपूर्ण संदेश
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि बच्चों को ऊंचाइयों तक पहुंचते देखने का सपना हर किसी का होता है, लेकिन इसके लिए उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन देना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक हम बच्चों को अपने बच्चों जैसा नहीं मानेंगे, तब तक समग्र विकास संभव नहीं हो सकता। यह कार्यशाला इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो बच्चों के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ उन्हें उचित अवसर और संरक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित की गई।
कार्यशाला के तकनीकी सत्र
- बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण: राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रतिनिधियों ने शालाओं में बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के बारे में चर्चा की।
- नशामुक्ति और मादक द्रव्यों का उन्मूलन: किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के तहत बच्चों में मादक द्रव्यों के प्रयोग और उनके व्यापार से उन्मूलन पर विचार किया गया।
- बाल विवाह और बाल तस्करी: रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला ने बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए शपथ ली और बाल तस्करी के उन्मूलन के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की।
सभी विभागों का समन्वय
इस कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के समन्वय से बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना था। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर बच्चों के अधिकारों को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया। इसके साथ ही, बच्चों की संरक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए सुधार की दिशा में भी पहल की गई।