‘झारखंड में बांग्लादेशियों की घुसपैठ केंद्र की विफलता’

झारखंड की 81 विधानसभा सीटों के लिए 13 और 20 नवंबर को वोटिंग होनी है. सभी पार्टियां चुनाव प्रचार में जुटी हैं. सत्ता पर काबिज जेएमएम के लिए ये चुनाव कई मायनों में खास है. पार्टी की रणनीतियों और तैयारियों समेत कई मुद्दों पर  हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने आजतक से खास बातचीत की.

कल्पना सोरेन ने कहा कि 2024 की शुरुआत से उभरी चुनौतियों ने उन्हें बदल दिया. उन्होंने कहा कि मेरे परिवार (पार्टी) का विस्तार हुआ है. अब यह पहले से बहुत बड़ा हो गया है. केंद्र से तनातनी के सवालों पर उन्होंने कहा कि हम केंद्र से पैसे की भीख नहीं मांग रहे हैं, यह हमारा अधिकार है जो हम मांग रहे हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड का केंद्र पर 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाया है, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद वे हमारा बकाया जारी नहीं कर रहे हैं.

कल्पना सोरेन ने कहा कि हम कोई अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा नहीं करते हैं. अगर घुसपैठ हो रही है तो यह केंद्र सरकार की विफलता है. वहीं, बंटेंगे तो कटेंगे नारे के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा नेता बोल रहे हैं-बटेंगे, काटेंगे. लेकिन स्थानीय भाजपा नेता इस तरह की टिप्पणी नहीं कर रहे हैं. शर्मनाक है कि बड़े-बड़े पदों पर बैठे लोग ऐसे बयान दे रहे हैं.

इस दौरान कल्पना सोरेन ने हिमंता सरमा पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा को अपने राज्य की देखभाल करनी चाहिए, वह हेमंत सोरेन के लिए चुनौती नहीं हैं. झारखंड को हेमंत सोरेन बेहतर ढंग से संभाल सकते हैं. वहीं, इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी चुनाव जीतती है तो वह कैबिनेट में शामिल नहीं होंगी, क्योंकि अभी वह राजनीति में नई हैं और सीख रही हैं. 

झारखंड की 81 सीटों के लिए दो चरण में 13 और 20 नवंबर को चुनाव होना है, पहले चरण में 43 विधानसभा सीटों पर 743 कैंडिडेट मैदान में हैं. बड़कागांव, जमशेदपुर पश्चिम और हटिया विधानसभा क्षेत्रों में सबसे अधिक 28 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है, जबकि खरसवां में सबसे कम 10 उम्मीदवारों ने नामांकन किया. वोटों की गिनती 23 नवंबर को होगी.

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