फर्जी लोन घोटाला
अंबिकापुर फर्जी लोन घोटाला: किसानों के नाम पर करोड़ों की हेराफेरी
अंबिकापुर में सामने आए फर्जी लोन घोटाले ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी है। किसानों के नाम पर बिना जानकारी के लोन लेकर करीब 43 करोड़ रुपये के गबन का मामला उजागर हुआ है। इस गंभीर आर्थिक अपराध को लेकर किसान सड़कों पर उतर आए हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। अब इस मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) को सौंपे जाने की घोषणा के बाद पीड़ित किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
अपेक्स बैंक अध्यक्ष का बड़ा बयान
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपेक्स बैंक के अध्यक्ष केदार गुप्ता ने साफ कहा कि:
- किसानों के नाम पर लिए गए सभी फर्जी लोन की गहन जांच की जा रही है
- पूरे मामले को EOW को सौंपा जाएगा
- दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा
उन्होंने बताया कि यह मामला धारा 64 के तहत दर्ज किया जाएगा और जितने भी लोग गबन में शामिल पाए जाएंगे, उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
कैसे हुआ फर्जी लोन का खेल?
जांच में सामने आया है कि:
- किसानों की जानकारी के बिना उनके नाम पर लोन पास किए गए
- लोन की रकम का उपयोग किसानों के बजाय अन्य लोगों ने किया
- बैंकिंग सिस्टम में मिलीभगत कर बड़े स्तर पर गबन किया गया
यह पूरा मामला न केवल किसानों की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा है, बल्कि बैंकिंग व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है।
किसानों के प्रदर्शन पर क्या बोले केदार गुप्ता?
किसानों के लगातार प्रदर्शन को लेकर केदार गुप्ता ने भरोसा दिलाया कि:
- किसी भी किसान को परेशान होने की जरूरत नहीं है
- सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है
- जांच पूरी तरह पारदर्शी होगी
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य दोषियों को सजा दिलाना और किसानों को न्याय दिलाना है।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
इस दौरान केदार गुप्ता ने कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि:
- कांग्रेस शासनकाल में बारदाना और भुगतान व्यवस्था कमजोर थी
- चौथी किस्त जैसे मुद्दों पर किसानों को परेशान होना पड़ता था
- वर्तमान सरकार के पास मजबूत डायरेक्ट ट्रांसफर सिस्टम है
उनके मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था के तहत प्रदेश में करीब 2000 करोड़ रुपये का भुगतान पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है।
आगे क्या होगा?
अब आगे की प्रक्रिया में:
- EOW पूरे घोटाले की परत-दर-परत जांच करेगी
- बैंक अधिकारियों और बिचौलियों की भूमिका की जांच होगी
- दोषी पाए जाने वालों पर गिरफ्तारी और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई संभव है