श्योपुर जिले में पिछले चार-पांच दिन से हो रही बारिश के चलते किसानो के खेतों में पानी भर गया है, जिससे खेत तालाब बने हुए हैं। पानी में डूबी धान फसल गलने लगी है। इससे किसानों को भारी नुकसान की चिंता सता रही है। किसानों प्रशासन से खेतों में पानी को निकलवाने की मांग कर चुके है
बता दें कि, जिले में गुरुवार से लगातार बारिश हो रही है। कुछ घंटों के लिए रुकती और फिर चालू हो जाती है। बारिश की वजह से खेतों में लबालब पानी भरा हुआ है। निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में उनकी धान फसल अब गलने लगी है, क्योंकि रोपाई हुए सिर्फ पखवाड़े भर हुआ है। पौधा पूरी तरह से संभल नहीं पाया है और अब गलने लगा है।
ऐसे में प्रभावित किसानों को अब अपने खेतों में दोबारा धान के पौधों को रोपना पड़ेगा। अगर जल्दी खेतों से पानी निकासी का इंतजाम नहीं हुआ तो पौधे पूरी तरह से गल जाएंगे। जिले में भारी बारिश से जिन किसानों के खेतों में पानी भरा है उन्होंने प्रशासन से नुकसान का आकलन की मांग भी रखी है।
इस बार जिलेभर में कुल 1 लाख 55 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसल की बोनी का लक्ष्य रखा है। इस साल धान का रकवा तो 45 हजार हेक्टेयर तय किया है, पर यह बढ़कर 55 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया है। क्योंकि जिले में धान का रकवा लगातार बढ़ रहा है। पहले बारिश नहीं होने की वजह से धान की रोपाई लेट हो गई और जब बारिश हुई और किसानों ने धान की रोपाई की तो अब लगातार हो रही बारिश उनके लिए आफत बन गई है।