किसानों को मिलेगा फायदा, मोदी सरकार के नए फैसलों पर शिवराज सिंह चौहान का बयान

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कहा कि मोदी सरकार किसान हितैषी सरकार है। यही वजह है कि किसानों की उपज की खरीदी को लेकर सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की बेहतरी के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर काम कर रही है। किसानों से उनकी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दलहन में आत्मनिर्भरता हमारा संकल्प है और इस तारतम्य में प्रमुख अरहर (तुअर) उत्पादक राज्यों में अरहर की खरीद की जा रही है, जिसमें तेजी आई है।

खबर के मुताबिक, दालों के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने , किसानों को प्रोत्साहित करने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने खरीद वर्ष 2024-25 के लिए राज्य के उत्पादन के 100% मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत अरहर, उड़द और मसूर की खरीद को मंजूरी दी है। मोदी सरकार ने बजट 2025 में यह भी घोषणा की है कि देश में दालों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए 2028-29 तक अगले चार वर्षों के लिए राज्य के उत्पादन का 100% तुअर (अरहर), उड़द और मसूर की खरीद की जाएगी। खरीफ 2024-25 सीजन के दौरान मूल्य समर्थन योजना के तहत आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश राज्यों में तुअर (अरहर) की खरीद को मंजूरी दी है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना में नैफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से एमएसपी पर खरीद जारी है और बीते 25 मार्च तक इन राज्यों में कुल 2.46 लाख मीट्रिक टन तुअर (अरहर) की खरीद की गई है, जिससे इन राज्यों के 1,71,569 किसान लाभान्वित हुए हैं। किसानों के हित में कर्नाटक में खरीद अवधि को 90 दिनों से आगे 30 दिन बढ़ाकर 01 मई तक करने को भी मंजूरी दी है। उत्तर प्रदेश में तो अरहर की कीमत मौजूदा समय में एमएसपी से ऊपर चल रही है। भारत सरकार केंद्रीय नोडल एजेंसियों के माध्यम से किसानों से 100% अरहर की खरीद के लिए प्रतिबद्ध है

चौहान ने कहा कि इसी तरह, आरएमएस 2025 के दौरान चना, सरसों और मसूर की खरीद को मंजूरी दी गई है। पीएम-आशा योजना को 2025-26 तक बढ़ाया गया है। इसके तहत किसानों से एमएसपी पर दालों और तिलहनों की खरीद जारी रहेगी। आरएमएस 2025 के लिए चने की कुल स्वीकृत मात्रा 27.99 लाख मीट्रिक टन और सरसों की 28.28 लाख मीट्रिक टन है। प्रमुख राज्यों में राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात शामिल हैं। मसूर की कुल स्वीकृत मात्रा 9.40 लाख मीट्रिक टन है। तमिलनाडु में खोपरा (मिलिंग और बॉल) की खरीद को भी मंजूरी दी गई है।

सरकार ने किसानों को पंजीकरण और प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए नैफेड और एनसीसीएफ पोर्टलों का उपयोग सुनिश्चित किया है। केंद्र सरकार कि और से मेरी सभी राज्य सरकार से अपील है कि वे यह सुनिश्चित करें कि MSP से नीचे कोई खरीद नहीं हो। हमारा उद्देश्य किसानों को फायदा पहुंचाना है, और इस पवित्र उद्देश्य की पूर्ति के लिए हम कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगे।

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