चिप वाले आइटमों में साजिश का डर! इजरायल के पेजर विस्फोट के बाद चीन से अलर्ट सरकार

इजरायल ने लेबनान में सक्रिय उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह के आतंकियों को पेजर और वॉकी-टॉकी में विस्फोट कराकर मार डाला था। इन दोनों हमलों में करीब 50 से ज्यादा लोग मारे गए थे, जबकि 3000 के करीब घायल हुए थे। यह हमला ऐसा था कि पूरे लेबनान में एक साथ ही पेजरों और फिर वॉकी-टॉकी में धमाके हुए थे। इजरायल की इस नई तरीके की युद्ध रणनीति ने पूरी दुनिया को ही हैरान कर दिया है। यही नहीं साइबर और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर का खौफ भी बढ़ रहा है। खुद भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इसे इजरायल का मास्टर स्ट्रोक बताया तो वहीं ऐसे वारफेयर से सावधानी की जरूरत भी बताई।

इसे लेकर भारत सरकार भी सतर्क है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि चीन से सीसीटीवी कैमरों की खरीद पर रोक के साथ ही अब स्मार्ट मीटर, पार्किंग सेंसर, ड्रोन पार्ट्स के अलावा लैपटॉप और कंप्यूटरों की खरीद को नियंत्रित किया जा सकता है। इसे चीन की बजाय अन्य विश्वस्त सहयोगी देशों से लिया जा सकता है। इसके अलावा इनकी भारत में ही मैन्युफैक्चरिंग पर भी जोर रहेगा। चीन से इन डिवाइसेज का आयात बहुत अधिक है। ऐसे में सरकार की यह चिंता है कि चीन कभी भी इस निर्भरता का लाभ उठा सकता है। खासतौर पर सरकार ऐसी डिवाइसेज के आयात को कंट्रोल करना चाहती है, जिनमें चिप का इस्तेमाल होता है।

इजरायल ने हिजबुल्लाह के पेजर में उसी स्थान पर विस्फोटक लगा दिए थे, जहां चिप डाली जाती है। इस तरह दुनिया भर में इस बात को लेकर चिंता है कि सप्लाई चेन भरोसेमंद रहे। पहले ही वाणिज्य मंत्रालय ने दिसंबर तक मॉनिटरिंग का आदेश दिया था। अब चीन से आयात पर नजर रखने के लिए कुछ और आदेश भी आ सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि सरकार ऐसी व्यवस्था लाने जा रही है, जिससे सीसीटीवी कैमरा समेत तमाम इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम के भारत में इस्तेमाल से पहले उनका सर्टिफिकेशन हो। एक बार मंजूरी मिलने के बाद ही उन्हें आम बिक्री के लिए दिया जाए।

दरअसल इसे लेकर भारतीय सेना पहले से ही चेताती रही है। यहां तक कि पीएम नरेंद्र मोदी भी हाइब्रिड वारफेयर के खतरे को लेकर आगाह करते रहे हैं। ऐसे में नए तरीके के युद्धों के दौर में सरकार कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। बता दें कि भारत में स्मार्टफोन्स बेचने में भी चीनी कंपनियां अव्वल हैं। शाओमी, रियलमी, ओपो समेत ऐसी कई चीनी कंपनियां हैं, जिनके मोबाइल भारत में बड़ी मात्रा में हैं।

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