फाइलेरिया उन्मूलन
महासमुंद जिले में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सामूहिक दवा सेवन (एमडीए) महाभियान की शुरुआत हो गई है। मंगलवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महासमुंद में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने हितग्राहियों को अपने हाथों से एल्बेन्डाजोल और डीईसी की दवा खिलाकर अभियान का शुभारंभ किया।
यह महाभियान 25 फरवरी 2026 तक जिले भर में चलाया जाएगा।
💊 घर-घर पहुंचेंगी फाइलेरिया रोधी दवाएं
अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर पात्र नागरिकों को दवा सेवन कराएंगी।
अभियान की मुख्य बातें:
- 25 फरवरी 2026 तक चलेगा महाभियान
- आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में विशेष बूथ
- सार्वजनिक स्थलों पर दवा वितरण
- जनजागरूकता अभियान के माध्यम से जानकारी
कलेक्टर लंगेह ने कहा कि शासन की मंशा है कि जिले का कोई भी पात्र व्यक्ति दवा से वंचित न रहे।
🦟 मच्छरों से फैलती है गंभीर बीमारी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि फाइलेरिया मच्छरों के काटने से फैलने वाली बीमारी है, जो शरीर के लसीका तंत्र को प्रभावित करती है।
फाइलेरिया के लक्षण:
- हाथ-पैर में असामान्य सूजन (हाथीपांव)
- बार-बार बुखार
- दर्द और सूजन
- लंबे समय में शारीरिक विकृति
उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर दवा सेवन से इस बीमारी को पूरी तरह रोका जा सकता है।
📢 जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू धृतलहरे ने बताया कि प्रारंभिक चरण में शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जाएगा।
जिला नोडल अधिकारी डॉ. वी.पी. सिंह ने नागरिकों से अपील की:
- स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करें
- स्वयं और परिवार के सभी पात्र सदस्यों को दवा दिलाएं
- मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं
- स्वच्छता बनाए रखें
उन्होंने यह भी बताया कि वितरित की जा रही दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और चिकित्सकीय निर्देशानुसार सेवन से कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं होता।
🎯 लक्ष्य: महासमुंद को फाइलेरिया मुक्त बनाना
कलेक्टर ने कहा कि जनभागीदारी से ही यह अभियान सफल होगा। यदि हर नागरिक जिम्मेदारी से दवा सेवन करे, तो महासमुंद को जल्द ही फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में बड़ी सफलता मिल सकती है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ मैदान में जुटे हैं। अब बारी आम नागरिकों की है कि वे इस महाभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और जिले को स्वस्थ व सुरक्षित बनाएं।