“कांकेर में बड़ा प्रशासनिक निर्णय: सर्पदंश और हादसे में मृतकों के परिजनों को ₹8 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत”

आर्थिक सहायता राशि


📌 आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत: पीड़ित परिवारों को मिला प्रशासन का सहारा

उत्तर बस्तर कांकेर जिले में प्रशासन द्वारा मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए एक अहम निर्णय लिया गया है। जिले के कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने दो अलग-अलग दुर्घटना प्रकरणों में मृतकों के आश्रित परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। यह सहायता राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) खंड 6-4 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए दी गई है।

यह निर्णय उन परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर आया है, जिन्होंने अचानक अपने कमाऊ सदस्य को खो दिया और आर्थिक संकट का सामना कर रहे थे।


🐍 सर्पदंश से मृत्यु: परिवार को मिला ₹4 लाख का संबल

प्राप्त जानकारी के अनुसार:

  • कांकेर तहसील के ग्राम कानागांव की निवासी
  • 34 वर्षीय श्रीमती कौशिल्या कोर्राम
  • की सर्प काटने से मृत्यु हो गई थी

इस दुखद घटना के बाद कलेक्टर द्वारा मृतका के निकटतम आश्रित श्री पिरेन को ₹4,00,000 (चार लाख रुपये) की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।

यह सहायता राशि पीड़ित परिवार को अचानक आई आर्थिक परेशानियों से उबरने में सहायक सिद्ध होगी।


🚨 गड्ढे में गिरकर डूबने से मौत: पत्नी को मिली राहत

दूसरा मामला भी अत्यंत दुखद है। विवरण इस प्रकार है:

  • कांकेर तहसील के ग्राम तेलावट निवासी
  • 25 वर्षीय बिरेन्द्र कुमार साहू
  • की गड्ढे में गिरकर डूबने से मृत्यु हो गई

इस प्रकरण में मृतक की पत्नी श्रीमती वेदिका साहू को कलेक्टर द्वारा ₹4,00,000 (चार लाख रुपये) की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।


⚖️ आरबीसी नियमों के तहत मिली सहायता

कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने यह सहायता राशि राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड 6-4 के अंतर्गत दी है, जिसमें निम्न परिस्थितियों में सहायता का प्रावधान है:

  • सर्पदंश से मृत्यु
  • दुर्घटनावश डूबने से मृत्यु
  • प्राकृतिक या आकस्मिक कारणों से जनहानि

इन प्रकरणों में प्रशासन द्वारा त्वरित निर्णय लेकर सहायता देना, शासन की संवेदनशील और जनहितैषी सोच को दर्शाता है।


🤝 प्रशासन की मानवीय पहल

कांकेर जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर आपदा एवं दुर्घटनाओं में पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती रही है। इसका उद्देश्य:

  • पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत देना
  • जीवन यापन में आने वाली आर्थिक कठिनाइयों को कम करना
  • शासन पर आम जनता का विश्वास मजबूत करना

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