“Septic Tank Cleaning Death”
सफाई कर्मियों की मौत का मामला: पुलिस ने दर्ज किया FIR, राष्ट्रीय आयोग ने लापरवाही पर उठाए सवाल
रायपुर, छत्तीसगढ़: राजधानी रायपुर में सफाई कर्मचारियों की मौत की घटना ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। बीएसयूपी कालोनी सिमरन सिटी के संतोषी नगर में रामकृष्ण अस्पताल में तीन सफाई कर्मियों की मौत के बाद पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर लिया है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई।
घटना का विवरण:
- घटना स्थल:
यह घटना बीएसयूपी कालोनी, सिमरन सिटी के संतोषी नगर क्षेत्र के रामकृष्ण अस्पताल में हुई, जहां तीन सफाई कर्मियों की मौत हो गई। बताया गया कि ये सफाई कर्मचारी सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस के संपर्क में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई। - लापरवाही पर सवाल:
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने अस्पताल में घटना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने घटना को लेकर गंभीर नाराजगी जताई और कहा कि शाम और रात के समय सफाई कराना गैर कानूनी है। उनका मानना था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करते हुए इन कर्मचारियों की जान जोखिम में डाली गई। - सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन:
हरदीप सिंह गिल ने कहा कि सफाई कार्य के दौरान कर्मचारियों को सुरक्षा के आवश्यक मानकों के तहत काम करना चाहिए, और विशेषकर शाम और रात के समय सफाई करना पूरी तरह से गैरकानूनी है। उन्होंने घटना की जांच की घोषणा भी की और कहा कि इस घटना में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की कार्रवाई:
- एफआईआर दर्ज:
पुलिस ने सफाई ठेकेदार किशन सोनी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई घटना के 24 घंटे बाद की गई। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और मामले में और आरोपियों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। - कड़ी कार्रवाई की मांग:
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद, कई सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने सफाई कर्मियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं और प्रशासन से अधिक सावधानी बरतने की अपील की है।
राष्ट्रीय आयोग की प्रतिक्रिया:
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने घटना को लेकर अपने गुस्से का इजहार करते हुए कहा कि सफाई कर्मियों की जान को किसी भी स्थिति में जोखिम में नहीं डाला जा सकता। उन्होंने इस घटना को प्रशासन की लापरवाही और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के उल्लंघन का परिणाम बताया।