हरियाणा विधानसभा चुनाव मतगणना के नतीजे आना शुरू हो गए हैं. जहां 49 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी आगे चल रही है वहीं कांग्रेस पार्टी 36 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. आधे से ज्यादा राउंड की मतगणना के बाद लगभग स्थिर हो चुके इन रुझानों से एक चीज तो साफ दिखाई दे रही है कि इस बार हरियाणा में एक बार फिर पूर्ण बहुमत से बीजेपी की सरकार बनने जा रही है. अगर ऐसा होता है तो हरियाणा के 58 साल के इतिहास में बीजेपी के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ सकती है.
हरियाणा राज्य बनने के बाद साल 1967 में पहली बार चुनाव हुए थे और 72.65 प्रतिशत मतदान हुआ. इस दौरान हरियाणा विशाल पार्टी की ओर से राव बीरेंद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनाया गया. हालांकि एक साल बाद ही 1968 में हुए दूसरी बार चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने सरकार बनाई और चौधरी बंसी लाल को मुख्यमंत्री पद सौंपा. इसके बाद फिर 1972 में कांग्रेस की सरकार आई और बंसीलाल ही मुख्यमंत्री बने.
हालांकि इसके बाद केंद्र की सत्ता में मची उथल-पुथल से लेकर देश में जनता पार्टी के उदय के साथ ही हरियाणा में जनता पार्टी का जनाधार मिला और चौधरी देवी लाल को मुख्यमंत्री बनाया गया. हरियाणा में फिर बाजी पलटी और कांग्रेस के खाते में सत्ता गई. हालांकि केंद्र की सत्ता के साथ-साथ अगले ही चुनावों में फिर जनता दल के हाथ बाजी लगी.
इसके बाद 1991 से लेकर 2019 तक देखा गया कि हरियाणा में उसी पार्टी की सरकार बनती है, जिस पार्टी की सरकार केंद्र में होती है. यही वजह रही कि केंद्र में 2014 में बीजेपी की मोदी सरकार आने के बाद हरियाणा भी भगवा रंग में रंग गया, वहीं 2019 में भी हरियाणा में क्षेत्रीय दलों के सहयोग से बीजेपी ने सरकार बनाई.
हालांकि इस बार हरियाणा में पहली बार ऐसा होने जा रहा है कि प्रदेश में किसी पार्टी के नाम सत्ता की हैट्रिक लगेगी. हरियाणा के 58 साल के इतिहास में अभी तक राजनीतिक पार्टियों ने जीत का स्वाद तो कई बार चखा है लेकिन लगातार नहीं. अब पहली बार यह रिकॉर्ड इस बार टूटेगा और नया रिकॉर्ड बनेगा. हरियाणा में बीजेपी के नाम यह उपलब्धि दर्ज होने वाली है, जब पार्टी प्रदेश में सत्ता की हैट्रिक बनाएगी.
भारतीय जनता पार्टी की ओर से साफ कर दिया गया है कि हरियाणा में इस बार भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ही होंगे. ऐसे में नायब सिंह सैनी भी हरियाणा के उन चुनिंदा मुख्यमंत्रियों में शामिल हो जाएंगे जो प्रदेश की कमान दोबारा संभालेंगे. अभी तक दो बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बंसीलाल, देवी लाल, मनोहर लाल खट्टर और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नाम था, अब ये उपलब्धि नायब सिंह सैनी के नाम भी होगी.