नई दिल्ली: जगदीप धनखड़ ने सोमवार को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया है। संविधान के आर्टिकल 67(A) के तहत उन्होंने संसद के मानसून सत्र शुरु होने वाले दिन ही ये फैसला लिया। भारत के 75 साल के इतिहास में ऐसा दूसरी बार हुआ है जब इस नियम का इस्तेमाल किया गया है। ये एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जो उपराष्ट्रपति के पद को भी अंडरलाइन करती है। साथ ही इससे पहले साल 1969 में वीवी गिरी ने इस नियम का उपयोग किया था। अब प्रदानमंत्री मोदी ने उनके इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर जगदीप धनखड़ के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की है। पीए मोदी ने कहा कि उनको देश की सेवा करने का अवसर मिला है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि “श्री जगदीप धनखड़ जी को भारत के उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं”।
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन ही जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दे दिया, जब सरकार और विपक्ष के बीच तनाव चरम पर था। पिछले सेशन के दौरान उनके कट्टर रुख तथा विपक्ष के साथ मतभेद की वजह से वो चर्चा में थे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ उनका विवाद खूब चर्चा में था। विपक्ष द्वारा 2024 में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाने की कोशिश की गई थी, जो असफल रहा। अब नया उपराष्ट्रपति चुने जाने तक राज्यसभा की अध्यक्षता डिप्टी चेयरमैन करेंगे।
खबरों के मुताबिक सदन की कार्यवाही के बीच में लगभग 4.30 बजे बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की दूसरी बैठक हुई थी और इसमें सत्ता पक्ष के प्रतिनिधि के तौर पर सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन पहुंचे थे। मुरुगन ने सभापति जगदीप धनखड़ से मीटिंग को अगले दिन यानी मंगलवार को रिशेड्यूल करने के लिए आग्रह किया था।
जगदीप धनखड़ BAC मीटिंग में राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा तथा संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू के ना आने से नाराज बताए जा रहे थे।
पिछले दिन दो बार बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक हुई थी, लेकिन उसका कोई भी नतीजा नहीं निकल पाया था।