छत्तीसगढ़ की वनभूमि पर दबंगों का कब्जा: एमपी-यूपी से आकर काटा जा रहा जंगल, सैकड़ों एकड़ पर अवैध बसाहट से हड़कंप

वन भूमि पर अवैध कब्जा


भूमिका

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां वन भूमि पर अवैध कब्जा कर जंगलों को उजाड़ा जा रहा है। रघुनाथनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम तुगुवां में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश से आए दबंगों द्वारा सुनियोजित तरीके से शासकीय वन भूमि पर कब्जा किया जा रहा है। पहले जंगल की कीमती लकड़ियां काटी जा रही हैं और फिर उन्हीं लकड़ियों से अवैध मकान खड़े किए जा रहे हैं। यह पूरा खेल लंबे समय से चल रहा है, लेकिन अब जाकर इसका खुलासा हुआ है।


कैसे हो रहा है जंगल पर कब्जा?

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यह कोई अचानक शुरू हुई गतिविधि नहीं है, बल्कि—

  • सुनियोजित तरीके से
  • बाहरी राज्यों से आए लोग
  • भू-माफियाओं के संरक्षण में
    वन भूमि पर कब्जा कर रहे हैं।

तरीका बेहद खतरनाक है:

  • पहले जंगल के पेड़ों की कटाई
  • फिर उसी लकड़ी से
    • मिट्टी के घर
    • झोपड़ियां
      तैयार की जा रही हैं
  • धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र में अवैध बसाहट फैलाई जा रही है

ग्रामीणों का दावा है कि सैकड़ों एकड़ वन भूमि पर इस तरह कब्जा हो चुका है।


वन संपदा को भारी नुकसान

इस अवैध कब्जे का सबसे बड़ा नुकसान—

  • जंगल की जैव विविधता
  • वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास
  • पर्यावरण संतुलन

पर पड़ रहा है।

  • कीमती पेड़ काटे जा रहे हैं
  • जंगल का स्वरूप तेजी से बदल रहा है
  • वन कानूनों की खुलेआम अनदेखी हो रही है

यह सब होते हुए भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है।


ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि—

  • उन्होंने कई बार
    • वन विभाग के अधिकारियों
    • और कर्मचारियों
      को इस अवैध कब्जे की जानकारी दी
  • लेकिन
    • न जांच हुई
    • न कार्रवाई

ग्रामीणों का आरोप है कि—

  • वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की
    • भू-माफियाओं से
    • मिलीभगत
      के कारण यह खेल खुलेआम चल रहा है।

ग्राम पंचायत ने उठाया कदम

मामले की गंभीरता को देखते हुए—

  • ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने
    • बैठक बुलाई
    • प्रस्ताव पारित किया
  • वन विभाग को
    • लिखित शिकायत
      सौंपी गई

इसके बावजूद—

  • अब तक
    • अवैध कब्जा नहीं हटाया गया
    • दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई

जिससे वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि—

  • यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई
  • तो आने वाले वर्षों में
    • पूरे क्षेत्र की वन संपदा
    • पूरी तरह नष्ट हो सकती है

उन्होंने—

  • जिला प्रशासन
  • उच्च वन अधिकारियों

से तत्काल हस्तक्षेप कर—

  • अवैध कब्जे हटाने
  • बाहरी दबंगों को बेदखल करने
  • दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई

की मांग की है।


वन विभाग का बयान

इस पूरे मामले पर जब वन मंडलाधिकारी आलोक वाजपेई से चर्चा की गई, तो उन्होंने कहा—

  • मामले की जांच के लिए
    • टीम गठित की जा रही है
  • जल्द ही
    • अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई
      की जाएगी
  • दोषियों के खिलाफ
    • नियमानुसार
    • सख्त कार्रवाई
      की जाएगी

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