जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘यूपी में जिस तरह मुसलमानों के घरों और दुकानों पर रोज बुलडोजर चलाए जाते हैं, परसों सुप्रीम कोर्ट ने उसका संज्ञान लिया और कहा कि यह अवैध है। जिस तरह से उत्तर प्रदेश में मस्जिदों और मदरसों पर ताले लगाए जा रहे हैं, वह तथ्य हमसे छिपे नहीं हैं। हर बार भाजपा के आदेश पर मुसलमानों को कलंकित किया जा रहा है।’

JKNC के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने गांदरबल में लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ‘कर्नाटक में जब भी भाजपा सत्ता में होती है, हमारी माताओं और बहनों को स्कूल और यूनिवर्सिटी जाने के लिए हिजाब उतारने के लिए कहा जाता है। हमें जम्मू-कश्मीर को उन ताकतों से बचाना है जो यहां भी ऐसी ही स्थिति पैदा करना चाहते हैं।’ इससे पहले गुरुवार को उन्होंने भाजपा नेता राम माधव को चुनौती दी थी कि वह इस बात के सबूत पेश करें कि नेशनल कॉन्फ्रेंस आत्मसमर्पण करने वाले आतंकवादियों का समर्थन ले रही है। अब्दुल्ला ने राम माधव के उन आरोपों के जवाब में यह बात कही, जिसमें दावा किया गया कि कि पूर्व आतंकवादी खुलेआम नेशनल कांफ्रेंस और और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए प्रचार कर रहे हैं।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर ऐक्शन पर सोमवार को कहा था कि वह इस मुद्दे पर दिशानिर्देश निर्धारित करेगा जो पूरे देश में लागू होंगे। अदालत ने कहा, ‘किसी का घर सिर्फ इसलिए कैसे गिराया जा सकता है क्योंकि वह आरोपी है। भले ही वह दोषी हो, लेकिन कानून की ओर से निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना ऐसा नहीं किया जा सकता।’ इस पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपनी सरकार की बुलडोजर कार्रवाई को बहादुरी भरा बताया था। इसे लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उन्हें चुनौती दी कि अगर उन्हें अपने दृष्टिकोण पर इतना ही भरोसा है तो वे बुलडोजर चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ें। यही वह टिप्पणी थी जिससे आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच तीखी नोकझोंक पैदा हो गई। सीएम ने अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव की भेड़िए से तुलना कर दी।

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