मोदी सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलप कर उसे आधुनिक बनाने पर लगातार काम कर रही है. इस दिशा में अब एक और बड़ा फैसला लिया गया है. मोदी कैबिनेट ने बुधवार को 3 नई रेलवे लाइन को हरी झंडी दे दी है. इससे देश के सबसे पिछड़े इलाकों के लाखों लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद जगी है. इन क्षेत्रों में एक तरफ जहां ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा जहां और दुरुस्त होगी, वहीं कमर्शियल एक्टिविटी को भी बढ़ावा मिलेगा. मोदी कैबिनेट ने जिन प्रदेशों के लिए नई रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है, वे लोहा से लेकर कोयले के खदानों के लिए मशहूर हैं. इन तीनों रेल प्रोजेक्ट पर ₹6456 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना से लगभग 1,300 गांवों और लगभग 19 लाख लोगों को संपर्क सुविधा मिलेगी.
मोदी कैबिनेट ने जमशेदपुर-पुरुलिया-आसनसोल रेल रूट को लेकर बड़ा फैसला लिया है. मोदी सरकार ने झारखंड के लोगों को बड़ी सौगात दी है. केंद्र ने झारखंड को 2179 करोड़ रुपये के रेलवे प्रोजेक्ट की सौगात दी है. इससे राज्य के लाखों लोगों को आवागमन में सुविधा होगी. केंद्र ने नई रेल लाइन को मंजूरी दी है. इस प्रोजेक्ट के जरिये जमशेदपुर-पुरुलिया-आसनसोल रेल रूट को कवर किया जाएगा. मोदी कैबिनेट की ओर से अप्रूव्ड तीन रेलवे प्रोजेक्ट से दूर-दराज के इलाके आपस में जुड़ सकेंगे. इससे माल ढुलाई संबंधी क्षमता में भी वृद्धि होगी. ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के विस्तार से क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा जिसका फायदा आमलोगों को होगा.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने 6,456 करोड़ रुपये की कुल अनुमानित लागत वाली 3 रेलवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. रेल मंत्रालय ने एक बयान में यह जानकारी दी. मंत्रालय ने बताया कि नई लाइन से सीधा संपर्क बनेगा और आवागमन में सुधार होगा. मल्टी-ट्रैकिंग से ट्रेनों का ऑपरेशन और भी आसान होगा और भीड़भाड़ को कम करने में भी मदद मिलेगी. इससे भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त खंडों पर बेहद जरूरी बुनियादी ढांचे का विकास होगा. रोजगार के साथ ही स्वरोजगार बढ़ने की संभावना भी जताई गई है.
मोदी कैबिनेट द्वारा मंजूर की गईं तीनों रेल प्रोजेक्ट्स काफी महत्वपूर्ण हैं. मंत्रालय ने बताया कि मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का परिणाम हैं, जो एकीकृत योजना तैयार किए जाने से संभव हुआ है. यह लोगों, वस्तुओं एवं सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध संपर्क मुहैया कराएगा. मंत्रालय ने कहा कि ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ जैसे 4 राज्यों के 7 जिलों में लागू की जाने वाली तीन परियोजनाएं भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क को लगभग 300 किलोमीटर तक बढ़ा देंगी. इन परियोजनाओं के साथ 14 नए स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे दो आकांक्षी जिलों (नुआपाड़ा और पूर्वी सिंहभूम) को बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी. नई लाइन परियोजनाओं से लगभग 1,300 गांवों और लगभग 11 लाख लोगों को संपर्क सुविधा उपलब्ध होगी.