वर्क फ्रॉम होम साइबर ठगी
भूमिका
ऑनलाइन कमाई और वर्क फ्रॉम होम के बढ़ते चलन के बीच साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। ऐसा ही एक बड़ा मामला रायपुर से सामने आया है, जहां वर्क फ्रॉम होम साइबर ठगी के जरिए एक व्यक्ति से 24 लाख रुपये की ठगी की गई। इस मामले में रायपुर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कैसे हुआ ठगी का खुलासा?
प्रार्थी पारस कुमार धीवर ने थाना राखी में शिकायत दर्ज कराई कि—
- ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम के नाम पर
- अधिक मुनाफे का लालच दिया गया
- अलग-अलग चरणों में
- कुल 24 लाख रुपये की ठगी कर ली गई
शिकायत के आधार पर थाना राखी में—
- अपराध क्रमांक: 224/24
- धाराएं: 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता
के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
IG अमरेश मिश्रा के निर्देश पर तेज हुई कार्रवाई
पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा ने साइबर अपराधों को गंभीरता से लेते हुए—
- रेंज साइबर थाना रायपुर को
- मुख्य आरोपियों के खिलाफ
- तकनीकी साक्ष्य एकत्र कर
- गिरफ्तारी सुनिश्चित करने
के स्पष्ट निर्देश दिए।
इसके बाद ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत जांच को गति दी गई।
तकनीकी साक्ष्यों से खुली ठगी की परतें
जांच के दौरान पुलिस टीम ने—
- बैंक खातों का विश्लेषण
- मोबाइल नंबरों की ट्रैकिंग
- टेलीग्राम एप से जुड़े डेटा
का गहन तकनीकी विश्लेषण किया।
इस विश्लेषण से—
- ठगी में इस्तेमाल किए गए खातों
- लेन-देन के पैटर्न
- और मुख्य आरोपियों की पहचान
सुनिश्चित की गई।
महाराष्ट्र और राजस्थान में दबिश
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन मिलने के बाद—
- पुलिस की अलग-अलग टीमें
- महाराष्ट्र
- राजस्थान
भेजी गईं।
- वहां
- योजनाबद्ध तरीके से
- रेड कार्रवाई की गई
- और
- 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार
किया गया
- 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार
गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी इस प्रकार हैं—
- उत्पल पंचारिया
- पिता: महेश पंचारिया
- उम्र: 21 वर्ष
- पता: मेघवाल बस्ती, पौटा सी रोड, आकाशवाणी के पीछे, जोधपुर, राजस्थान
- रोहित बबन कौलगे
- पिता: बबन दागदू कौलगे
- उम्र: 31 वर्ष
- पता: हरिपुर, दत्त पार्क, हरिपुर, सांगली, महाराष्ट्र
- सुमित श्रीनिवास राठी
- पिता: श्रीनिवास राठी
- उम्र: 41 वर्ष
- पता: आनंदी अपार्टमेंट, चेतना पेट्रोल पंप के पास, जवल, सांगली, महाराष्ट्र
कैसे करते थे ठगी?
पुलिस जांच में सामने आया है कि—
- आरोपी
- सोशल मीडिया
- टेलीग्राम चैनल
- और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म
के जरिए लोगों से संपर्क करते थे
- वर्क फ्रॉम होम में
- आसान काम
- ज्यादा मुनाफे
का लालच देते थे
- शुरुआत में
- थोड़ा भुगतान दिखाकर
- भरोसा जीतते थे
- बाद में
- बड़ी रकम निवेश के नाम पर
- ठगी कर लेते थे
पुलिस की अपील
रायपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि—
- अनजान लिंक
- टेलीग्राम/व्हाट्सएप जॉब ऑफर
- जल्दी अमीर बनने के लालच
से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।