बहाराइच के महाराजगंज में हिंसा के बाद अब माहाौल धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। 13 अक्टूबर को हुई हिंसा के बाद पिछले जुमे को महाराजगंज की तीनों मस्जिदों में नमाज भी अदा नहीं की गई थी। दो हफ्ते बाद शुक्रवार को तीनों मस्जिदें गुलजार नजर आईं और तीनों में जुमे की नमाज भी अदा की गई। हालांकि इस दौरान जबरदस्त सुरक्षा व्यवस्था भी रही। आम दिनों की तुलना में फोर्स की ज्यादा तैनाती की गई थी। मस्जिदों में होने वाली तकरीर पर भी पुलिस प्रशासन से लेकर खुफिया एजेंसियों की नजर रही। सीओ रवि खोखर ने बताया कि जुमे की नमाज के दिन सतर्कता के मद्देनजर कस्बे में कुछ अतिरिक्त फोर्स की तैनाती कर दी गई थी। कस्बे में स्थित तीनों मस्जिदों में शांति पूर्वक नमाजियों ने नमाज अदा की है।
महाराजगंज में दुर्गा प्रतिम विसर्जन जुलूस के दौरान हुए बवाल में रामगोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके अगले दिन जबरदस्त हिंसा और आगजनी हुई थी। भगवानपुर चौराहे पर दुकानों में तोड़फोड़ के बाद बाइकें फूंक दी गईं थी। महसी तहसील के महाराजगंज, महसी, दर्जिनपुरवा, सधुवापुर, नथुवापुर, कबड़ियनपुरवा, भगवानपुर, बड़ी गौरिया, सुतिया में आगजनी हुई थी। दुकानें, वाहन,घर आग के हवाले कर दिए गए थे। इससे 15 बाइकें, दो ट्रैक्टर, डीसीएम आदि आग में जलकर राख हो गए।
इसी के बाद बड़े पैमाने पर दोनों पक्षों के लोगों की गिरफ्तारी शुरू हुई थी। कई लोगों को नामजद करने के साथ है सैकड़ों लोगों के खिलाफ अज्ञात में केस दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी के डर से ही पुरुष सदस्य घरों से फरार हो गए थे। पिछली बार नमाज अदा नहीं करने के पीछे इसे ही कारण माना गया था।
इस बीच तमाम वीडियो सामने आए जिसने प्रशासन की लापरवाही उजागर की। कई अधिकारियों को हटाया और सस्पेंड भी किया गया। बुलडोजर एक्शन को लेकर भी हाईकोर्ट ने निर्देश दिया। इसके बाद माहौल धीरे-धीरे सामान्य होने लगा।