इजरायली हमलों से घबराकर अब लेबनान के आतंकवादी गुट हिजबुल्लाह सरेंडर के मूड में दिखने लगा है। नए नेता नईम कासिम ने बुधवार को इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऑफर मिलता है तो शर्तों पर युद्ध विराम पर सहमत हो सकते हैं। आपको बढ़ा दें कि इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह के गढ़ों पर बमबारी बढ़ा दी है।
पिछले महीने अपने हसन नसरल्लाह की हत्या के बाद नेतृत्व संभालने वाले कासिम ने कहा कि हिजबुल्लाह लंबे समय तक इजरायली सैन्य कार्रवाइयों का विरोध करने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने इजरायल द्वारा विश्वसनीय प्रस्ताव पेश किए जाने पर बातचीत के जरिए युद्ध विराम की संभावना को स्वीकार किया।
अल-जदीद के साथ एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने कहा, “अगर इजरायली यह तय करते हैं कि वे आक्रमण को रोकना चाहते हैं हमें यह स्वीकार है। लेकिन इसके लिए हमारी शर्तों को मानना होगा।”
इजरायली बलों ने पूर्वी शहर बालबेक को निशाना बनाते हुए हमले तेज कर दिए हैं। इसे हिजबुल्लाह का गढ़ माना जाता है। हाल ही में इजरायली हवाई हमलों में कथित तौर पर हिजबुल्लाह के एक वरिष्ठ कमांडर की मौत हो गई और काफी लोग हताहत हुए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अकेले बालबेक में कम से कम 19 लोगों की मौत की बात कही।
लेबनान के प्रधानमंत्री नजीब मिकाती ने युद्ध विराम की संभावना के बारे में आशा जताई है। इससे पहले अमेरिकी दूत अमोस होचस्टीन ने कहा था कि 5 नवंबर को अमेरिकी चुनावों से पहले एक समझौता किया जा सकता है। इजरायली ऊर्जा मंत्री एली कोहेन ने संभावित युद्ध विराम शर्तों के बारे में सुरक्षा कैबिनेट के भीतर चल रही चर्चाओं की पुष्टि की है। इजरायली सीमा के पास के क्षेत्रों से हिजबुल्लाह की वापसी की शर्त रखी जा सकती है।
आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर में संघर्ष फिर से शुरू होने के बाद से लेबनान में कम से कम 1,754 मौतें हुई हैं।